अपनों का साथ हो

अपनों का साथ हो

चाँदनी रात हो, अपनों का साथ हो ।
ईश्वर की याद हो, सुख शांति का बास हो।
दोस्तों की याद हो, मन में मिठास हो।
दुःख की दरिया भी सामने आ जाये ।
हमें क्यों इसकी परवाह हो?
हम हब तब तक सही सलामत हैं
ऊपर वाले का जबतक सिर पर हाथ हो।
जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम

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