Monthly Archives: December 2021

हमें भी जीने का अधिकार चाहिये

हमें आज अपनों से ही ये हिसाब चाहिये ।

बेटे बेटियों से किया भेदभाव जबाब चाहिये ।


बहूके साथ किया अन्याय इसका जबाब चाहिये ।

बेटों को पढ़ाया बेटियों को घरेलू बनाया ।

अनपढ़ रखकर जीवन भर रूलाया।

हमें अपनों से इस सबका हिसाब चाहिये ।

इस बदलती दुनियाँ में हमें भी जीने का अधिकार चाहिये ।

हमें भी जीने का अधिकार चाहिये ।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम

भूलने की आदत

इनसान की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी भूलने की आदत है।
जवानी में बचपन भूलता है और अमीरी मैं अपने गरीबी ।
शादी के बाद माता-पिता को भूलता है ।
बच्चे होने पर भाई बहन को भूलता है ।
कर्जे लेकर देनदार को भूलता है ।
काम हो जाने पर अहसान फरामोश हो जाता है ।
पर जरूरत पड़ने पर गदहे को भी बाप बना लेता है ।
वह इतना भुलक्कर होता है कि भगवान को भी भूल जाता है ।
पर बुढ़ापा आते ही फिर से सबकुछ याद आ जाता है ।
अपने बेटा बेटी को बार-बार याद करता है ।
सहायता के लिए गिरगिराता है, पुरानी करतूते याद आती है ।
जीवन के अंतिम समय में ईश्वर ही याद आता है ।
अपने जवानी की गलतियों के लिये पश्चाताप करता है ।
अपनी भूल के लिये दूसरों को आगाह करता है ।
पर इनसान तो आखिर इनसान होता है ।
वह अपनी भूलने की आदत को नहीं भूलता है ।
ओउम् शान्ति ।
जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम