Monthly Archives: October 2017

दुख से ही दुख मिटता है

दुख से ही दुख मिटता है,

एक दुखिया का दुख,

एक दुखी ही समझ सकता है।

सच्चाई यह भी है कि,

अपनों द्वारा दिया दुख,

ज्यादा दुख देता है।

इनसान सबकुछ भूल सकता है।

पर आत्म ग्लानि नहीं।

सबकुछ पा लेने के बाद,

वह आत्मग्लानि से मरता रहता है ।

क्षमा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है।

क्षमा से बढ़कर कोई धन नहीं है।

क्षमा से बढ़कर कोई कर्म नहीं है।

क्षमा बड़ों की शोभा है।

क्षमा सभी सुखों से बढ़कर है।

अतः आप क्षमा शील बनें।

जयहिन्द।

भारत की जय हो

काश आम आदमी इस को सीख सके।

इनसानीयत सबों के दिल दिमाग हो।

हैवानियत का नामोनिशान न हो।

धरम के नाम पर बलबे न हो।

नबी ,मौलबी और पंडित सभी ,

इनसानीयत की भाषा बोले ।

हिन्दुस्तान में रहने वाले सभी हिन्दुस्तानी बने।

न वो हिन्दू बने न मुसलमान बने।

न खुदा अलग है न भगवान अलग है।

वो परवरदिगार तो एक ही है।

सिर्फ उनका नाम अलग है।

दुआ करते हैं हम , हमारा हिन्दुस्तान एक है,

एक ही बना रहे,

इसे अलग करने वालों, फूट डालने वालों ,

उन सबका का बेड़ा गरक हो।

सदा भारत की जय हो।

भारत की जय हो।

जयहिन्द, जयभारत, वन्देमातरम।

सींखे खिलखिलाना

धूप में जलती है जमीन,

बरसात में भींगती है जमीन।

किसानों द्वारा खोदी जाती है जमीन।

तभी लहलहाती हैं फसलें।

फूलों से सजते हैं पौधे।

फलों से झुकतीं हैं शाखें।

बिना तपे तो सोना भी खरा नहीं होता।

बिना चले नहीं मिलती है मंजिल।

बिना तेल बाती नहीं जलते हैं दीपक।

बिना घिसे न खुशबू देता है चंदन।

बिना पढ़े न होता है ज्ञान।

बिना झुके न मिटता अभिमान।

बिना गुरू के न मिलता है ज्ञान।

बिना मित्र है जीवन अधूरा।

बिना सूरज है ये जग अंधेरा।

प्यार बिना जीवन ये सूना।

सांस बिना ये काया सूना।

आशा बिना ये जग है सूना।

आशा ही है इस जग की जान।

इसी आशा पर टिका जहान।

इसी आशा पर टिका जहान।

जयहिन्द, जयभारत, वन्देमातरम।

पैसा है भगवान

पैसा है भगवान आज कल, पैसा है भगवान।

पैसों पर सब बारी जाये, भूले सब ईमान।

पैसों के खातिर ही भूले ,अपने माँ और बाप।

पैसों के ही बल पर चलती, इस दुनियाँ का काम।

पैसा ही ईमान हमारा, पैसा ही भगवान।

पैसों पर बिकती है भैया, काली गोरी चाम।

पैसों पर बिकती इस जग में खुलेआम ईमान।

पैसा नहीं कागज का टुकड़ा, पैसा है भगवान।

पैसा है भगवान यहाँ पर, पैसा है भगवान।

पैसा है भगवान।

जयहिन्द, जयभारत, वन्देमातरम।

सराहनीय संदेश

यह एक सराहनीय संदेश है।

जीवन जीने का उपदेश है।

आज हमारा है,कल का क्या रोना।

हँसते गाते ही जीवन है बिताना।

सब कुछ यहीं है छोड़ जाना।

फिर क्यों व्यर्थ धन का जोड़ना।

आपस में वैर भाव रखना।

आओ मिलकर गले लगें हम।

मिलजुलकर सब सुखी रहे हम।

बहुत कमाया है धन अबतक।

आओ मिलकर इसे सवारे।

दुखी जनों का कष्ट मिटायें।

जीने का हो लक्ष्य हमारा।

दुखियों का हम बनें सहारा।

दुखियों का हम बने सहारा।

जयहिन्द, जयभारत, वन्देमातरम।

यादें बचपन की

क्यों याद दिलाती हो बिटिया तुम,

गाँव के उस प्यारे बचपन की।

गाँव की सोंधी मिट्टी प्यारी,

खेतों और खलिहानों की।

बरसों बीत गये अब छोड़े,

गाँव के इस गलियारों की।

भूल गया था जिसको हमने,

अपने घर और गाँवों को।

कहाँ रहा वो घर अब अपना,

कहाँ खो गयी वो गलियाँ ।

पशुओं का वो झुण्ड कहाँ है,

बचपन वाला दौड़ कहाँ है।

जिसे बुलाते थे बचपन में,

दौड़ भाग कर आता था।

वो साथी संगी सब अपना,

कुछ तो हैं कुछ छोड़ गये।

भाग दौड़कर, लड़ना भिड़ना,

याद दिलाये कौन यहाँ।

न रही है वो गलियाँ अब,

वो नहीं रहे बचपन का खेल।

गाँव हमारा शहर बन गया ,

नहीं रहा वो मेल मिलाप।

मिलबांट कर खाना पीना,

भूल गये हैं सारे लोग।

बाहों में बाहें डाले अब,

नहीं घूमते अबके लोग।

होली और दिवाली पर अब,

धूम मचाना बच्चों का,

रबड़ी साथ में चने चबेने,

जेबों में भर भर लाना।

घूम फिर कर खाते रहना,

बचपन का था यही जमाना,

बस ये गुजरी याद रह गयी।

बचपन खो गया है बच्चों का,

स्कूल जाता तीन साल का।

स्मार्ट फोन कम्प्यूटर से वह,

हर वक्त है वो खेल रहा।

मशीनी युग में आज ये बच्चे,

अपने माँ को भूल रहा।

क्यों याद दिलाती हो उस पल की,

जो कल का इतिहास बन गया ।

आओ मिलकर आज मनायें,

खुशियाँ वाली आज दिवाली।

भूल के अपना प्यारा बचपन,

बच्चों संग हम खुशी मनाये।

शायद बच्चों के ही संग में ,

बचपन अपना लौट ही आये।

बचपन अपना लौट ही आये।

जयहिन्द, जयभारत, वन्देमातरम।

A Farmer and a Damaged pitcher

There was a Farmer in a village. He used to bring water from out side of his village well. He had two pitchers , one of the pitcher was having a small hole due to this Farmer used to get only one and half pitcher of water daily.

The damaged pitcher was very unhappy, one day it spoked to his master—sir, I am very bad and not able to bring full water for you daily. The Farmer replied it, don’t worry tomorrow while comming you watch the path of your below. The pitcher was very happy to see the beautiful flowers through out the way , but after reaching home it became unhappy again, the Farmer told the pitcher, I have spread the flower seeds on your side all the way and you have watered it daily. So you should be happy.

Morale of this story is — use the things wisely to have better results. In our day todays life we are facing such problems, it is wise to utilize the opportunity.

Jaihind jaibharat vandematram.

Tounge Exercise

To get rid of old age problem  

Tongue Exercise is the best remedial action without paying any amount.
 You have to just move your Tongue left and right extending it out side , every morning while washing you teeth 10 to 15 times .

 That is all, you will be cure and protected from many old age diseases like.

1. Alzheimer,
2. Farsightedness

3. No giddiness

4 . Improve wellness

5. Better digestion

6. Lesser flue and cold

Start practicing from today it self.

Wishing you all senior citizen a happy day today life with your counterparts and family.
Jaihind.

Power of the smallest

Dear friends, today I was walking on the walking track in our locality on Kaggadasapura Lake at 1130am. It was a pleasant wether, sun sining in sky, clean and beautiful track ,  small and medium green trees both the side of track ,very calm and quiet as only few walkers were walking.

Suddenly it struck in my mind, the power of small, smaller and the smallest. Really it has the greatest power. All the big , bigger and the biggest are control by the small smaller and smallest.

A very big City having a small enterance gate, 

A big Banglow having small door, 

A bigger Lock having smaller key, 

A big train having a smaller engine,

 A very very big ship Engine is small and the control is further smaller, 

A big water Dam having smaller gate to release water, 

The smallest tiny water droplets create havock in the world, it rain rain and rain and the flood the intire area , thousand of life and millions of properties being destroyed, can any one having the power to control these tiny water droplets?

A big organization having a small body to control it,

A big Nation having small capital city and further it had a small parliament,

In that small parliament PM office is further smaller,

In PM office too only a small plce of PM chair, but the whole country is guided and control by that very small chair of PM.

Take your own family a Elder is the guardian, but he too have to listen and obey his home minister wife, the Lady has to listen her children and grandchildren. The smallest grandchildren is the boss of the house, he command every one in the whole house, his demand has to be made, if he cries all of you have to calm him, if he laughs you all are laughing, is it not the power of small smaller and smallest.

   So it is better to understand the power of small smaller and smallest, don’t over look them, the smallest tiny Itom bomb and Hydrogen bomb has the strongest power to destroy the whole world.

That is the power of small smaller and the smallest.

Jaihind jaibharat vandematram.