Celebrate your old age

1. *Life isn’t fair, but it’s still good.*
2. *When in doubt, just take the next small step.*
3. *Your job won’t take care of you when you are sick. Your friends and family will.*
4. *You don’t have to win every argument. Stay true to yourself.*
5. *Cry and move on it is more healing.*
6. *Seek help from God what ever happens.*
7. *Make peace with your past so it won’t mess up the present.*
8. *Don’t compare your life to others.  You have no idea what their journey is all about.*
9. *Take a deep breath every now and then. It calms the mind.*
10. *Get rid of anything that isn’t useful. Clutter weighs you down in many ways.*
11. *Whatever doesn’t kill you really does make you stronger.*
12. *It’s never too late to be happy. But it’s all up to you and no one else.*
13. *When it comes to going after what you love in life, don’t take no for an answer.*
14. *Burn the candles, use the nice sheets, wear the fancy clothes. Don’t save it for a special occasion. Today is special.*
15. *No one is in charge of your happiness but you.*
16. *Frame every so-called disaster with these words ‘In five years, will this matter?’*
17. *Always choose life.*
18. *Forgive others and yourself.*
19. *What other people think of you is none of your business.*
20. *Time heals almost everything. Give time a little time.*
21. *However good or bad a situation is, it will change.*
22. *Don’t take yourself so seriously. No one else does.*
23. *Believe in miracles.*
24. *God loves you because of who God is, not because of anything you did or didn’t do.*
25. *Don’t audit life. Show up and make the most of it now.*
26. *Growing old beats the alternative of dying young.*
27. *Your children get only one childhood.*
28. *All that truly matters in the end is that you loved.*
29. *Get outside every day. Miracles are waiting everywhere.*
30. *Envy is waste of time. Accept what you already have, not what you need.*
31. *The best is yet to come…*
32. *No matter how you feel, get up, dress up and show up.*
33. *Life isn’t tied with a bow, but it’s still a gift.”*
Written by 

Regina Brett 90 yrs old.

फौजी की रामकहानी

फौज में मौज है, हजार रूपये रोज है।

थोड़ा सा गम है; इसके लिए भी रम है।

ज़िंदगी थोड़ी रिस्की है; इसके लिए तो व्हिस्की है।

खानें के बाद फ्रुट है; मरनें के बाद सैलूट है।

पहनने के लिए ड्रैस है; ड्रैस में जरूरी प्रेस है।

सुवह-सुबह पी.टी है; वॉर्निग के लिए सीटी है।

चलने के लिए रूट है; पहनने के लिए D.M.S बूट है।

खाने के लिए रिफ्रैशमेंन्ट है; गलती करो तो पनिशमेंट है।

जीते-जी टेंशन है; मरने के बाद पेंशन है।

 कहते हैं फौजी आधे पागल होते हैं।
सही कहते हैं, पागल होना भी चाहिये।

वर्ना किसमें इतना दम होगा जो।

-60° के ग्लेसियर में और+55° के रेगिस्तान में ,

दुश्मन के आगे सीना चौड़ा करके खड़ा हो जाएगा।

ये हर किसी के बस की बात नही!

जमीन की कीमत और फौज की  हिम्मत ।

कभी कम नहीं हो सकती।

दिल तो आशिक तोडते है साहब।
हम तो सरहद के रखवाले हैं Record तोडते हैं।
अंजाम की फिक्र तो कायरों को होती है। 

हम तो ARMY वाले हैं।
जहाँ Risk होती है, वहाँ हमारी Entry Fix होती है।

जय जवान जय किसान।
कैसे सोती होगी वो हर माँ।

जिसे पता है की सीमा पर उसका बेटा खड़ा है ।

कैसे कमाता होगा वो हर पिता।
जिसका बेटा दुश्मन के सामने खड़ा है।

केसे चहकती होगी वो हर बहन।
जिसके भाई का इंतजार बंदूक की हर गोली कर रही है।

कैसे काम करता होगा वो हर भाई।
जो उसके आने का इंतजार कर रहा हो।

कैसे जीती होगी वो नारी, जिसका सिंदूर कभी भी मिट सकता है।

कैसे रहते होंगे वो हर दोस्त ,जिनका यार कभी भी तिरंगे में लिपटा आ सकता हैं।


15 August 1947

Fifteen August is not just a day and date for we Indians. 

It is a great festival for we all  Indians.

After a long period of two hundred years.

India got it’s freedom from Britishers on this date.

Really it was a new birth of a new Nation.

It was the sacrifice of our great patriots and Leaders.

Lakhs and lakhs people have been killed.

Many have been jailed in Indian prisons like animals.

Many have been sent to Andaman Nikobar selular jail.

They have been brutally torchered and illtreated worst than animals.

Sardar Bhagat Singh along his companians and friends.

Was hanged to death in the Lahore jail.

Chandrashekhar Aajad was killed in Allahabad.

Many innocent public were hanged in open on trees.

Lala Lajpat Roy was brutally lathi charged.

Latter he died in the Lahore hospital.

Subhash Chandra Bose declared free lndia from Rangun.

He had formed Azad Hind Fauj to fight the British Army.

But it was our bad luck , He was defeated reaching inside  lndia  on the way to Calcutta.

Later He too was imprisioned by Russia after independence on the advice of PM Neharu, and he died in unknown circumstances as he could not come out in public life due to the British government and Neharu’s policy . He was declared war criminal by British government .

But it was strange that Nehru, Gandhi and Jinnah never got beaten any time by Britishers.

After killing lakhs and lakhs innocent public those period.

Britishers realized their inabilities to rule lndia further.

So they decided to leave this great Nation granting freedom to It.

But before leaving they destroyed the harmony of our country

They have devided it in two parts lndia and Pakistan.

India was handed over to Prime Minister Nehru.

 And Pakistan was handed over to Prime Minister Jinnah.

Making it easier to rule it from their own country.

As you see till today lndia and Pakistan flight together from its birth.

And the Britishers and Americans are enjoying the fruits.

Selling their war materials for their gains and dictating both.

Now the time has come to think both lndia and Pakistan.

To Live together with peacefully and harmoniously.

Let the people of both the countries realize and refrain from fighting.

Rather than work for the welfare of each others.

Remember the sacrifice of our great patriots and Leaders.

On this very fifteen August we should take a pledge.

To be united among us, forgeting our differences .

We all are lndian citizens irrestive of Hindu, Muslim, Sikh or Christen.

We are born and brought up here together.

We are eating and drinking the same food and water.

Enjoying the same Sun and Moon light every day.

We are going to same school and colleges for education.

We are worshiping only one Almighty through out country.

Their name may be different but He is only  One.

Fighting on the name of religion is our foolishness.

Not a single prichers from any religion  have suffered till date in communal fighting.

Only the poor and innocent public have suffered till date.

So today we must pledge to live together peacefully.

Never to fight among us on Communal basis rather to fight with Poverty.

This will be the best gift to our coming generation and the country.

Jaihind jaibharat vandematram.

रंगीन शाम

चटपटी चाट का मजा ही कुछ और था।

दहीबाड़े की खाशियत मशाले बेजोड़ थी।

नमकीन मिक्सचर कुरकुरी और स्वादिष्ट थी।

बेसन का लड्डू बेहतरीन और लजीज़ था।

बालूशाही तो मिठाई  का सरताज था।

चाय की चुस्की और आम पन्ना का कहना क्या।

बनाने वालों की मेहरबानी जिसने दिल जीत लिया।

मेहमाननवाजी के लिए मिश्रा जी को धन्यवाद।

आज की शाम रंगीन करने के लिए,

और सबको मिलाने के लिए, 

पूरे परिवार को धन्यवाद।

अब रहेगा इन्तजार अगली पार्टी का, 

शायद इससे बेहतर घर के खाने का ।

बेहतर घर के खाने का।


पेड़ और औरत

पेड़ और औरत दोनों में समानता है।

पेड़ अपने जड़ों से जुड़ा रहता है।

औरत अपने परिवार से जुड़ी रहती है।

पेड़ के मोटे तने पर बहुत सी शाखाएं होती हैं।

सभी शाखाएं तना का अभिन्न अंग रहती है।

औरत भी परिवार रुपी जड़ की तना होती है।

उनके अनेक रूपों में अलग अलग पहचान होती है।

जनमते ही वह बेटी और फिर बहन होती है।

बढ़ती उम्र के साथ रिश्ते भी बदलते रहते हैं।

वह दोस्त – सहेली ,सखी- प्रेमिका, पत्नी बनती है।

शादी होते ही वह दुलहन, भाभी, चाची, मामी बनती है।

माँ बनकर बच्चे पालती , फिर वह दादी नानी बनती है।

पेड़ की तरह वह भी सदा , दूसरों को सुख ही देती रहती है।

पेड़ का काम है छाया देना, फल फूल बाँटते रहना।

बदले में सिर्फ पानी माँगता और संरक्षण माँगता है।

औरत भी तो वही करती है, सबों से प्यार, उनकी सेवा ।

अपने लिए बस सम्मान और सदभाव चाहती है।

जीते जी परिवार के लिए ही खटती और मरती है।

फिर भी हम उसकी दिल से कदर नहीं करते हैं।

पेड़ों की तरह ही उसे, धूप ताप में जलने छोड़ देते हैं।

कब हमारी नींद खुलेगी, औरत के दर्द को समझ पायेंगे।

उसे सही इज्ज़त और सम्मान दे , उनका मान बढ़ा पायेंगे।

उनका हक उन्हें दिला पायेंगे। उनका हक उन्हें दिला पायेंगे।

जयहिंद, जयभारत, वन्देमातरम।

भूल गया

भाषा भूला, धर्म भूला, 

जाति भूला, गोत्र भूला, 

माँ बाप और समाज भूला,

 खान पान और जुवान भूला,

 माँ बहन का मान भूला,

 संस्कृति भूला, ईमान भूला,

 देश था महान उसका भी अभिमान भूला।

अंग्रेजी के चक्कर में ,

भारत वासी अपने आप को भूला।

गोरी चमरी देख के भइया , सबे कुछ तो भूल गया।

जयहिंद, जयभारत, वन्देमातरम।

मुस्कुराहट बांटिये

हो सके तो मुस्कुराहट बांटिये, रिश्तों में सरसराहट बांटिये।

नीरस हो चली है जिन्दगी , थोड़ी सी शरारत बांटिये।

जहाँ में देखो गम पसरा है,  रिश्तों में हरारत बांटिये।

नहीं पूछता गम दूजे का,  थोड़ी सी जियारत बांटिए।

सब भाग रहे हैं आगे पीछे। सकूंन की कोई इबादत बांटिए।

लेने को ही सभी पड़े हैं, हाथ फैलाये सभी खड़े हैं।

देने वालों की राह देख रहे , सब के सब भिखमंगे हैं।

मांगना  है तो मांगों उनसे, क्यों मांग रहे भिखमंगों से।

इनकी भी झोली भरती है ,दाता के ही देने से।

तुम भी मांगो उस दाता से, दुआ मांग लो उनसे।

भर जायेगी तेरी झोली, लबालब उनके प्यार से।

मांगा तुमने दुआ यार की, और फैलया अपना हाथ।

बांट दिये तुमने ये खुशियाँ, औरों के ही खातिर में।

तुम्हें मिलेगी तेरी खुशियाँ, बांटी जो तुम औरों में।

मुस्कुराहट बांटी है तुमने, और लुटाया प्यार भी।

झोली तेरी भरी रहेगी, दुआ तुम्हें है यार की।

झोली तेरी भरी रहेगी, दुआ तुम्हें है यार की।

जयहिंद ,जयभारत, वन्देमातरम।