Monthly Archives: December 2016

सम्मान नव वर्ष की 

हम सब अपने घरों में बैठे, टकटकी लगाए घड़ी देख रहे हैं। 

टीवी से चिपके यों बैठे, आँखें गराये नजारा देख रहे हैं।

एक से एक परियों का थिरकना, जामो से जाम का टकराना। 

बाँहों में बाँहें डाले छोड़े छोड़ियो का, बदन से बदन का सटाना। 

शोर मचाती संगीत का लहराना, बत्तियों का जलना बुझना।

रात के बारह बजने वाले हैं, पुराने साल का जाना नये का आना। 

इसी का इन्तजार था सभी को, पल भर में सालों का बदलना। 

आतिशबाजी से रात को भी, सोते से असमय जगा देना। 

नव वर्ष आ गया है, सड़कों पर जोर जोर लडकों का चिल्लाना।

नयी खुशियाँ, नये सौगात, लेकर हमें जगाने आया है। 

सब कुछ वही पुराना है, पर नया साल तो आया है। 

जैसे हर दिन रात के बाद, नयी सुबह हर रोज आती है।

 लालिमा देख डालों पर बैठ, चिड़ियाँ हमें जगाती है। 

 कुछ नयी करने की,अधुरे कामों को पूरा करने की।

नयी उमंगों के साथ, पुरानी से कुछ नयी करने की।

नये साल में नयी आशा के साथ, सत्कर्म करने की। 

कसम खायें बुराई छोड़ने की, मिलजुलकर साथ रहने की। 

हो आपस में भाईचारा, नहीं हो मजहब की तकरार। 

नहीं हो अपनों में टकराव, सबों से बना रहे ये प्यार। 

यही हो नव वर्ष का उपहार,सुरेश का कहना हो साकार। 

हमें सब देना तुम उपहार,मन में करना सही विचार। 

यही हो नव वर्ष का उपहार।यही हो नव वर्ष का उपहार। 

जयहिंद जयभारत वन्देमातरम। 

खुशियों का खजाना 

​खुशियों का खजाना है आप के पास। 

कहाँ ढूंढ रहे हो प्यारे, क्यों होते हो निराश। 
घर में सुन्दर बीबी है, न वह नाज नखरे वाली है। 
गुणों की खान है वह, रसोई की पहचान है वह। 
चटपटी लजीज मनपसंद रसोई बनाती है वह। 
अँगुलियाँ चाट चाट कर तृत्प हो जाते हैं। 
कल कुछ और लजीज नयी बनाने कहते हैं। 
बच्चों के रूप में नटखट किशन कन्हैया है। 
बिटिया तो सचमुच ही मनमोहनी रधिया है। 
माँ बाप आपके घर पड़े देवों के देव हैं। 
उनकी छत्र छाया में आप सुखी सदैव हैं। 
कौन कहता है कि आप सुखी नहीं हैं.। 
आप का ये छोटा सा घर एक मंदिर है। 
जहाँ रमते बसते भुवन के त्रिदेव हैं। 
मैं सुरेश आप सब से विनती करता हूं। 
घर के मंदिर में बिराजमान देवता को। 
आदर सम्मान से सम्मानित करते रहें।
पूजा की थाली न सही, बक्त पर रोटी देते रहें। 
उनकी दुआएं लेते रहें, खुशियाँ मनाते रहें। 
जीवन में कभी न थकें,खुशियाँ मनाते रहें। 
यही सीख आप के बच्चे भी सीख पायेंगे। 
आप के बुढ़ापे में वे भी आप को ऐसे ही पूजेंगे। 
पड़ोसी आप से कुछ सीख, अपने को बदलेंगे। 
देखादेखी में ऐसे ही समाज भी बदलेंगे। 
घर घर से दुख मिटेगा, सुख की घड़ियां आयेंगी।
सभी जन सुखमय होंगे, खुशियाँ घर घर आयेंगी। 
खुशियाँ घर घर आयेंगी, खुशियाँ घर घर आयेंगी। 
   जयहिंद जयभारत वन्देमातरम। 

आरोपी भ्रष्टाचार का

हम तो ठहरे आम आदमी,अर्थ नीति का ज्ञान नही,

मिल जाए दो वक्त रोटियां,और अधिक अरमान नही,

बंद हुए जो नोट पुराने,थोड़े से घबराये हैं,
माना अच्छे दिन से पहले कष्ट भरे दिन आये हैं,

लेकिन हमने इन कष्टों में,हल्ला होते देखा है,
घोटालों के सरदारों का धीरज खोते देखा है,

जिस पंजे की पांचो उंगली,डूबी भ्रष्टाचारों में,
वो ही आखिर क्यों चीखा है,टीवी में अखबारों में,

देखा है,”पत्थर की देवी” कैसे छाती फाड़े है,
देखा है “बंगलादेशी दीदी” किस तरह दहाड़े है,

देखा है “गुलाम”दहशत का,जनहित की करता बातें,
जिनके खुद परिवार में झगड़ा,बाँट रहे हैं सौगातें,

उनको ज्यादा दर्द हुआ है,जिनके ज्यादा पाप रहे,
अरबों खरबों खूब उड़ाये घोटालों के बाप रहे,

भली-बुरी इस बंदी में चलिये इतना तो काम हुआ,
जमाखोर नेताओं का थोड़ा तो काम तमाम हुआ,

लाइन में लगती जनता में ये नारे पुरजोर लगे,
संसद को अवरुद्ध कराते,सारे नेता चोर लगे,

उन चोरों की सरदारिन का पप्पू भी बौराया है,
मोदी खुद भ्रष्टाचारी है,ये आरोप लगाया है,

यूं लगता है,चोर सुनाये गीत आज रखवाली का,
गंगा जल को डांट रहा है कीडा गन्दी नाली का,

यूं लगता है त्याग तपों को गाली दी अय्याशी ने,
भारत माँ पर कीचड फेंका इटली की बदमाशी ने,

जिस मोदी की सगी भतीजी बिन इलाज मर जाती हो,
जिस मोदी की माता खुद चलकर ऑटो से जाती हो,

जिस मोदी के भाई अब भी सादा जीवन जीते हो,
जिस मोदी के पास नही कुछ खाते सारे रीते हों,

जो मोदी अवकाश लिए बिन अपना फर्ज निभाता है,
जो मोदी दीवाली भी सेना के साथ मनाता है,

जो मोदी अट्ठारह घंटे,काम धुनी में रहता हो,
जो मोदी हर भाषण में भारत माँ की जय कहता हो,

वो मोदी हरगिज़ भी पैसा ख़ोर नही हो सकता है,
भारत माँ का सच्चा सेवक चोर नही हो सकता है,

मैं हूँ भक्त,निडर कहता हूँ,नहीं डरूं बेशर्मो से,
मैं मोदी का भक्त बना हूँ,मोदी जी के कर्मों से,

मोदी जी भी चोर अगर हैं,उनका नंबर आने दो,
सारे परदे हट जाएंगे,तीस दिसंबर आने दो,

दो कौड़ी का पप्पू बोले,इतना बड़ा बवाल नही,
हमको उत्तर नही मिलेगा,ऐसा कहीं सवाल नही,

कवि गौरव चौहान कहे,यह आर पार की बेला है,
मध्य,अमरता और मृत्यु के,मोदी खड़ा अकेला है,

अगर नोट बंदी साजिश,हम भी वचन सुधारेंगे,
सवा अरब की जनता के संग,हम भी जूते मारेंगे,

सभार मित्रों से। 

जयहिंद जयभारत वन्देमातरम। 

किडनी    

​⚫ *सिफॅ 10 दिनों मे किडनी को नया जीवन दे सकतां है यह अनुभूत प्रयोग* ⚫

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➡ किडनी सिकुडनां 

➡ किडनी फेल्योर 

➡ पेशाब कम आनां 

➡ ब्लेडर युरीन से भरा रहनां 

➡ बार -बार युरीनमे इन्फेक्शन 

➡ युरीन पास करते वक्त ददॅ होनां 

➡ पेशाब मे जलन होनां 

➡ बार-बार पथरी बननां 

⚫ मै डॉ.प्रयाग डाभी आज आपको किडनी के विषय मे ऐक अनुभूत प्रयोग बतां रहा हू जो हमारे द्वारा परिक्षित है एवं २ लोगो को काफी फायदा हुवां है | आप नोट -पेन लेकर यह प्रयोग को नोट कर लिजिये ताकी किसी जरुरत मंद लोगो की सेवा हो सके | 
यह प्रयोग किडनी के कायॅ को व्यवस्थित बनां देता है | जिन लोगो को किडनी की समस्या है उनके लिये तो फायदाकारक है ही | लेकिन जिनको कोई भी समस्या नहीं उनकी कीडनी को भी स्वस्थ रखतां है यह प्रयोग | 
*संजीवनी हेल्थकैर द्वारा किडनी बचाने वाला अनुभूत प्रयोग निम्नलिखित है |*
➡ फ्रैश हरा धनिया    40 ग्राम 

➡ सुखी काली अंगुर  20 ग्राम 

➡ सौंफबिज.           10 ग्राम 

➡ पानी                   01 ग्लास 

⚫ *प्रयोग विधी* ⚫

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➡ उपर बताइ गइ चीजों को मिक्स करके मिक्षर मे क्रश करे एवं एक ग्लास पानी मिला दीजिये आैर सुबह खाली पेट यह ज्युस १ ही खुराक मे पी लिजीये | सिफॅ पांच या १० दिनो के प्रयोग से आप असाधारण लाभ मसुस करेंगे | 
यह प्रयोग कृपया अपने सभी ग्रुपो मे शेयर करके किसी जरुरत मंद लोगो तक पहुचायें | उनके साथ आपको भी दुआ मिलेगी। 
डॉ.प्रयाग डाभी 

संजीवनी हेल्थकैर, भावनगर, गुजरात , मो 9033744381
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रामदेव की माया 

ये है रामदेव की माया, भैया रामदेव की माया। 

गेहूं दलिया नमक तेल और, बिस्कुट हमें खिलाया। 

दंतमंजन और केश तेल भी, बाबा सभी बनाया। 

भैया रामदेव की माया है यह, रामदेव की माया। 

जड़ी बूटी को खोज खोजकर, अमृत उसे बनाया। 

रोगी का वह रोग भगाये, बने निरोगी काया। 

भैया रामदेव की माया है यह, रामदेव की माया। 

योग योग में हमें बुलाया, जीवन जीना हमें सिखाया। 

लाखों भक्त बने सब उनके, घर घर योग सिखाया। 

भैया रामदेव की माया है यह, रामदेव की माया। 

दुनिया जिसकी लोहा माने, बड़े बड़े सब धन्ना सेठ। 

लुटती अपनी पूंजी देख सब, आकर मिल गये धन्ना सेठ। 

हाथ जोड़कर बाबा से सब, बोले बाबा हमें  बचा लो। 

लुट जायेगी सबकी दुनिया, हम सब आये तेरे द्वार।

लाज बचा लो भाया, लाज बचा लो भाया। 

भैया रामदेव की माया है यह, रामदेव की माया। 

मिलजुलकर हम करे बजार, जीन्स तुम्हारे हमरे द्वार। 

बाँट मुनाफा खायेंगे हम,कर बाबा हम पर उपकार। 

नाम तुम्हारा, जीन्स तुम्हारे, हम सब ठहरे साहुकार। 

कभी नहीं हम मन बदलेंगे, सरपर बना रहे ये साया।

भैया रामदेव की माया है यह, रामदेव की माया। 

धन्य ये योगीराज हमारे,योगी होकर माल कमाया। 

खोल डेयरी पाले गाय, बड़े बड़े वो लैब बनाया। 

दूध दही घी खूब बनाया, सबके मन को भाया। 

भैया रामदेव की माया है यह, रामदेव की माया। 

जयहिंद जयभारत वन्देमातरम। 


जीने की चाह है दुवारा 

​बिछुड़ने वाले कहाँ मिलते हैं दुबारा।साखों से टूट कर पत्ते भी। 

शादी जीवन में होती है एक बार,सुहाग रात नहीं आती है दुबारा। 

भाई का भाई से अलग होने पर, न होता है जुड़ना दुबारा। 

बहना अगर रूठ जाये तो, मुश्किल है जुड़ना दुबारा। 

माँ बाप की वो बचपन वाली, प्यार मिलना नहीं दुबारा। 

गोदी में उठाना बाँहों में झुलाना, कहाँ नसीब है दुबारा। 

बचपन का लौटना, राूठनाऔर मचलना। 

अम्मा की गोदी में लेटना, कहाँ नसीब होता है दुबारा।

अब तो हम बच्चों के भी, बच्चों के दादा नाना हैं। 

बच्चे बनकर अब हमें, कहाँ मिलेगा मचलना दुबारा। 

परेशान हो गयी है ये पीढ़ी, देते देते हर किसी को। 

 कभी माँ बाप को दिया करते थे, तो कभी बच्चों को। 

कभी पूरे परिवार को,और कभी पूरे समाज को । 

पर तरस गयी है कुछ पाने को,अपनों से,कभी बच्चों से।

पर इसे देने वाला कोई नहीं है,प्यार के दो मीठे बोल। 

फिर भी इसे जीने की चाह है, हँसने हँसाने के लिए दुवारा। 

नयी पीढ़ी को खुशहाल देखने की,यही चाह है दुबारा। 

यही चाह है दुबारा। यही चाह है दुबारा। 

जयहिंद जयभारत वन्देमातरम।

PM NARENDRA MODI 

we all Indians are proud today, God have blessed us, giving a dedicated, true, hard working, real patriot of country, God father of poor, depressed, farmers, working class, and a humble person, true human, blessed with humanity, the one and the only one person, sriman Narendra Modi. Not only India will come out from poverty to rich but the whole world will change under the leadership of honorable PM sri Narendra Modi. I personally salute him and promise him my full support to his all hard and good work. I will be and I am his true supporter.
God bless him with good health, long life, curraige to face all the odds created by his opponents. 

Jaihind jaibharat vandematram. 

Bharat mata ki jai, Narendra Modi jee ki jai, we all are with you Sir, please carry on all the welfare measures you have taken in your hand.

jaihind jaibharat vandematram. 

जीना है सौ साल 

​हँसी हँसीं में बात कही हैं,बातें बहुत जरूरी है। 

खेलना कूदना बंद करें सब, पड़े रहें रजाई में। 

खेलखल मर जाना जल्दी, ऐसे तो वेवकूफ नहीं। 

खरगोशों की बात माननी, ऐसे तो वेवकूफ नहीं। 

हम तो भैया हुए दीवाने, कछुआ जी की मेहरबानी। 

खाओ पीओ मौज मनाओ, पड़े रहो रजाई में। 

ठंड बहुत ही बाहर भैया, गरमी है रजाई में। 

दूध मलाई मेवा मिश्री, खाओ भैया भर भर पेट। 

मछली मांस का शोरबा लेना, साथ में अंडे की आमलेट।

फलफूल नित रोज ही खाना, हरी साक और खाना ओट।

जीना है बरसों तक जीना, कछुआ का है यह संदेश। 

सुबह शाम नित घूमने जाना, थोड़ी कसरत करना योग। 

दूध साथ में दलिया लेना, नाश्ता लेना है भरपूर। 

दोपहर खाने में सब खाना,अंकुरित दाने और सलाद। 

मनपसंद की भोजन लेना, खूब नींद से जमकर सोना। 

यही सलाह है सब भाई को, विनती करता है सुरेश। 

सौ सालों से ज्यादा जीकर, घर वाली को देना दोष।

सुन लो भैया तुम संदेश, सुन लो भैया तुम संदेश। 

जयहिंद जयभारत वन्देमातरम।

नन्हें राजा 

​दादा कंधे झूला झूले, झूले साहू के नन्हें लाल। 

खानदान का है चिराग तू, जीओ हजारों साल। 

फलो फूलो तुम युग युग जीओ,जीओ हमारे लाल।

घर की रौनक घर का दीपक ,घर का तुम उजियारा।

तुमसे आशा है हम सबको, तुम हो सबका प्यारा।

रौशन करना नाम हमारा,नाना तुमको करे दुलार।

मामा का तू प्यारा भांजा,मैया का तू है संसार।

पापा का राजा बेटा तू ,करते हम सब तुमको प्यार।

साहू के नन्हें राजा को ,हम सबका है ढेरों प्यार।

हम सब का है ढेरों प्यार।।