Monthly Archives: June 2022

राम भजन करो भाई


हरि का नाम जपो रे भाई, प्रभु का नाम जपो रे भाई ।
गणिका गिद्ध अजामिल तर गये, तर गयी मीराबाई ।
हरि का नाम जपो रे भाई ।
राम रटत बाल्मीकि जी तर गये, तरी अहिल्याबाई ।
प्रभु का नाम जपो रे भाई ।
राम नाम की लूट मची है, लूट लियो रे भाई ।
हरि का नाम जपो रे भाई ।
सूरदास तुलसी जी तर गये, तरी कौशल्या माई।
हरि का नाम जपो रे भाई ।
प्रभु का नाम जपो रे भाई ।
जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम

बेच दिया अपनी माटी को

बेच दिया अपनी माटी को, बेची गोधन गोशाला ।
आकर बस गये शहर में भैया, सोचा जीवन सुखी हमारा ।
बेच दिया फिर हम अपने को, तब बच्चे पढ़ पाये हैं ।
फटी धोती में गुजर गयी है, अपनी भरी जवानी वो।
कहाँ सुहाते हम बच्चों को, जिसने मौज उड़ये हैं ।
कुत्तों के लिये कमरे उनके, माता-पिता पिता पराये हैं ।
भरी जवानी कट गयी खटते, अब यहीं बुढ़ापा कटनी है ।
पुरखों की माटी बेची थी, अब यही पछताना बांकी है । अब यही पछताना बांकी है ।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम

पन्ना धायी

धन्य धन्य पन्ना धायी तू धन्य किया मेवाड़ को।
राजपुत्र पर बार गयी तू अपने ही निज पुत्र को।
आँसू तक न आये तेरे देख के भी बलिदान को ।
बचा लिया मेवाड़ तूने तज अपने निज पुत्र को।
पन्ना धायी हो गयी तज अपने बच्चों निज पुत्र को।
राजधर्म तू निभा गयी है तज अपने निज पुत्र को।
धन्य धन्य पन्ना माई तू धन्य किया मातृत्व को।
युगों युगों तक याद करेगी दुनियाँ तेरी त्याग को ।
युगों युगों तक याद करेगी दुनियाँ तेरी त्याग को ।
जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम

आखिरी खत लिखने के पहले


आखिरी खत लिखने के पहले तुम जरूर आना।
इस मन मंदिर की मूरत हो तुम जरूर आना ।
आसरा है आश लगाये बैठी हूँ तुम जरूर आना ।
आना और जरूर आना अपनी मोहिनी छवि दिखला जाना।
बरसों बरस की प्यासी हूँ , इन नयनों की प्यास बुझा जाना।
हे प्रियतम तुम जरूर आना, हे प्रियतम तुम जरूर आना।
आना और जरूर आना, इन प्यासी नयनों की प्यास बुझा जाना।
आखिरी खत लिखने के पहले तुम जरूर आना।
जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम