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भारत माँ की हम संतान

देश टूटा है जात पात में,
हिंदू बट कर बिखर गया है।

सदियों तक गुलाम रहे हम,

फिर भी सोच नहीं बदला है।

धरम का नाता मानवता से,

देश धरम है सबसे ऊपर।

आओ हम सब साथ साथ मिल,

जात पात को सदा भुलाकर।

एक धरम और एक जाति हो,

अपना भारत एक वतन हो।

मिलकर रहने पर ही सबका,

सदा सदा निर्भय जीवन हो।

भूलकर अपनी ओछी बात,

अपने देश से करें हम प्यार।

कोई ऊँच न कोई नीच,

हम सब हैं भारत के मीत।

देश हमारा सबसे प्यारा,

इसपर अपनी जाँ कुर्वान।

भारत माँ की हम संतान।

भारत माँ की हम संतान।

जयहिन्द, जयभारत, वन्देमातरम।

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