Monthly Archives: March 2022

हाउस वाइफ

सच में हाउस वाइफ घर की नींव है।
घर वार व बच्चों की तकदीर है।
वह खाने की थाली की नमक है।
हाउस वाइफ है तो घर घर है।
नहीं तो घर भूतों का बसेरा है ।
दिन भर क्या करती रहती हो,
कहने वाला बेगैरत इनसान है।
ये हाउस वाइफ ही तो है,
जो मकान को घर बनाया है ।
वो इसे अपने हाथों से सजाया है ।
नन्हें नन्हें फूलों को खिलाया है ।
बच्चों की किलकारी से घर महकाया है।
मकान को सही मायने में घर,
और हमें भी जिम्मेदार बनाया है ।
हाउस वाइफ हमें जीना सिखाया है ।
हाउस वाइफ हमें जीना सिखाया है ।
जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम

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हमने भी जिंदगी को करीब से देखा है

हमने भी जिंदगी को करीब से देखा है,
कहीं धूप कहीं छाया है ।
गरीब के बच्चों को माँ की छाती से लिपट कर सोते देखा है ।
चन्द फटे कपड़ों से ठंड में तन ढंके उसे ठिठुरते देखा है ।
रोटी के दो टुकड़ों के लिए बच्चों को रोते बिलखते देखा है ।
भूख मिटाने के लिए मजदूरन को तन बेचते देखा है ।
पेट की भूख मिटाने के लिए नाजायज़ बच्चों को जनम देते देखा है ।
अमीरों के घर कुत्तों को मांस खाते और सूप पीते देखा है ।
उसे पलंग पर सोते और ऐ सी कार में घूमते देखा है ।
उसे रोग निरोधक दवाई और सुई दिलाते देखा है ।
गरीब काम वाली बाई को दुत्कारते और जलील करते देखा है ।
बीमार बच्चों की दवाई के लिये, उसे मालिकों के आगे घिघियाते देखा है ।
भैया ये भारत देश है यहाँ पैसों के लिये बहुतों को ईमान बेचते देखा है ।
माँ बहन बेटी ही नहीं देश बेचते भी देखा है ।
हमने अपने देश को गुलामी से भी आजादी मिलते देखा है ।
हमने देश में नेताओं की बदनीयती को भी वर्षों से देखा है ।
जनता को आश्वासन और कोरे भाषण देते देखा है ।
कांग्रेस की सरकार बदलते और बीजेपी को आते देखा है ।
बुरे दिनों के बाद ये अच्छे दिन भी देखा है ।
हमने अपने जीवन में बहुत कुछ सुना भी है और देखा भी है।
पर ऐसा सुखद समय शायद जीवन में पहली बार देखा है।
बीजेपी की सरकार में पूरे देश में अमन चैन देखा है ।
बिजली पानी रसोई गैस की किल्लत नहीं भरमार देखा है ।
घर घर मुफ़त का राशन और करोना का टीका देते देखा है ।
झोपड़ी में रहने वालों को पक्के मकानों में रहते देखा है ।
घोटालेबाजो को जेल में तड़पते और सिसकते देखा है ।
राम राज की कल्पना को साकार होते देखा है ।
एक गरीब के बेटे को सिंघासन पर बैठे देखा है ।
एक अछूत के बेटे को राष्ट्रपति बनते देखा है ।
इस नये भारत को आसमान पर चढ़ते देखा है ।
पूरी दुनियाँ में भारतीयों के मस्तक को ऊँचा उठते देखा है ।
ये नया भारत है मोदीजी के सपनों को साकार होते देखा है ।
ये सपना नहीं है भारत देश को महान होते देखा है ।
भारत देश महान था उसका गौरव लौटते देखा है ।
हम सभी अपने पुरखों की शान लौटते देख रहे हैं ।
हमें हमारे देश पर गर्व है, हम इसे जगत गुरू बनते देख रहे हैं ।
हम इसे जगत-गुरु बनते देख रहे हैं ।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।

गरीबों की जिन्दगानी

खाने को दाने नहीं, तन ढकने को कपड़े नहीं ।
सर पर छत नहीं, क्या यही है जिंदगानी ।
राह चलते मनचलों की मनमानी,
मजदूरी करते मालिकों की छेड़खानी ।
क्या यही है जिंदगानी।
न झोपड़ी में सलामत न महलों में ।
गरीबों की हर जगह है एक ही कहानी ।
क्या यही है जिंदगानी ।
गरीब लड़की का जवान होना ।
पेट भरने के लिए हाड़ तोड़ मेहनत करना।
नाजायज बच्चों का जनना।
गरीबों की गरीबी, क्या यही है जिंदगानी।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।

जिंदगी


जीवन में एक बार मिलती है जिन्दगी ।
साथ साथ मिलकर बिताये खुशहाल जिंदगी ।
क्यों हम रोयें छोटी छोटी बातों पर हर दिन ।
हसीं खुशी से बिताये शानदार जिंदगी ।
पचपन में भी जियें बचपन सी जिंदगी ।
बुढ़ापे में भी हो जवानी सी रंगदार जिंदगी ।
नकली बतीसी ही सही, पर है ये जानदार जिन्दगी ।
बुढापे में कमजोर हो गयी आँखों की रोशनी ।
लेन्स लगाते ही दुबारा लौट आयी रोशनी ।
न आफिस की चिंता है न बच्चों की ।
हर रोज गुजरते हैं मस्ती में जिंदगी ।
दोस्तों की टोली है जमघट हर रोज होती है ।
खट्टी मीठी भूली बिसरी यादें ताज़ा हो जाती है ।
यारों की यारी में बुढ़ापा भी यादगार हो गयी है ।
जीने की सही समझ तो अभी अभी आयी है ।
दोस्तों की बदौलत खुशहाल है जिन्दगी ।
बच्चे भी खूब प्यार करते हैं, लम्बी उम्र की दुआ करते हैं ।
पोते पोतियो ने बुढ़ापे में बचपन लौटा दिया है ।
आख़िरी वक़्त की जिंदगी में खुशियाँ भर दिया है।
जीते रहें ऐसे ही हॅस हॅसकर जिंदगी ।
जीवन में एक बार मिलती है जिन्दगी ।
जीवन में एक बार मिलती है जिन्दगी ।
जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम