Monthly Archives: July 2020

हाय करोना

कैद पड़े हैं अपने घर में,
सिमट गयी है दुनियाँ ।
घुमना फिरना बंद हो गया,
दुबक के बैठे अंगना ।
चाट पकौड़ी पानी पूरी,
खाये हो गये महीना।
सूनी पड़ी हैं सड़कें सारी,
माल थियेटर सूना।
चौपट हो गये काम काज,
अब दूभर हो गया जीना।
संकट में इनसान पड़ा है,
डर डर कर अब जीना।
सारी दुनिया सहम गयी है।
हाय करोना हाय करोना ।
ऐसा क्यों तू किया करोना।
ऐसा क्यों तू किया करोना।
जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।

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रोटी गरीब की

हरिया एक दिहारी मजदूर है। वह अपने मालिक के खेतों पर रोज सुबह छः बजे पहुँच जाता है । मन लगाकर मेहनत करता है । मालिक उसके काम से खुश रहता है और नाश्ता खाना भी उसे देता है । आज नौ बजने को था पर मालिक नाश्ता लेकर नहीं आया था। हरिया को जोरों की भूख लगी थी, तभी उसे दूर से आते मालिक दीख गया । वह खुशी खुशी काम करने लगा । मालिक खेतों पर आकर हरिया को खाने के लिये बुलाया । वह कुएँ पर हाथ मुँह धोकर आ गया और मालिक के हाथों से रोटी की थाली लेकर पेड़ की छाँव में खाने बैठ गया । तभी अचानक एक चील झपट्टा मारकर उसकी रोटी ले उड़ा । पर चील कुछ ही दूर गया, कि रोटी आधे से ज्यादा टूट कर नीचे गिर गयी। हरिया फुर्ती से भागा और रोटी उठाकर झाड़ पोछ कर खाने बैठ गया। उसने ईश्वर को धन्यवाद दिया और कहा, दाने दाने पर लिखा है खाने वाले का नाम । आप महान हैं, जो सबको उसके हिस्से की रोटी देते रहते हैं । हम गरीबों को भी ऐसे ही रोटी देते रहें ।ये एक हरिया की कहानी नहीं है, बरन उन हजारों गरीबों की कहानी है, जो दो वक्त की रोटी के लिये दिन रात मेहनत करते रहते हैं । उन मेहनत कश मजदूर किसानों को शत-शत नमन, जिनके मेहनत की बदौलत बांकी सबको रोटी मिलती हैं ।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।

वाह रे शराब

दूध बेचकर दूधिये ने शराब क्या खरीदी।

घूट लेते ही उसने अपनी गला जला ली।

पानी मिला मिला कर वह पीने लगा था।

दूधिया अब पक्का शराबी बन गया था।

मदमस्त हो गलियों में नाचने लगा था।

दुधिया अब आदमी से हैवान बन गया था।

मुहल्ले की औरतों को वह छेड़ने लगा था।

शराब उसे आदमी से शैतान बना दिया था।

बरस बीतते बीतते ही दुधारू गायें बिक गयी।

शराब की लत ने उसे उसकी औकात बता दी।

सुखी परिवार को रास्ते का भिखारी बना दी।

वाह रे शराब तूने ऐसा कमाल कर दिखाया।

चन्द दिनों में ही दूधिये को कंगाल कर दिया।

वाह रे शराब तुमने कमाल ऐसा कर दिया।

वाह रे शराब तुमने ऐसा कमाल कर दिया।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम

भारत को नया नेता मिल गया

बंचित शोषित दलितों को भी, अब तो जीवन नया मिला है।

पक्का घर ये छतवाला है, बिजली पानी मुफ़त मिला है।

घर घर चूल्हा रसोई गैस, मोदी जी के हाथ मिला है।

सस्ता राशन आटा तेल, चावल दाल भी मुफ्त मिला है।

हर परिवार को मनरेगा में, सौ दिन का रोज़गार मिला है।

स्कूल बच्चे पढ़ने जाते, दोपहर खाना मुफ्त मिला है।

कापी पुस्तक पेनसिल डाय़री, यूनिफॉर्म भी मुफ़त मिला है।

आने जाने को स्कूलों में, सबको सायकिल मुफ़त मिला है।

आधार कार्ड बनाकर सबका, बैंक में खाता खोल दिया है।

सरकार उनके बैंक खातों में, रूपये सीधे भेज रहा है।

उन बिचौलियों की मनमानी, मोदी जी ने बंद किया है।

तिलमिलाहट है अब उनमें, उनका खाता बंद किया है।

सत्तर सालों से कह कह कर वो, देश की गरीबी मिटा न पाये।

लूट लूट जनता के धन को, अपने मालामाल हो गये।

देश में अब वो दौर चला है, देश विकास की ओर बढ़ा है।

बंचित शोषित दलितों को भी, जीने का अधिकार मिला है।

कांग्रेसी परिवारवाद से, देश को मुक्ति आज मिला है।

धोखेबाज कमीनों से अब, जनता को आराम मिला है।

देश सुखी परिवार सुखी है, मोदी जी को ताज मिला है।

हर हर मोदी घर घर मोदी, देश को ये सरताज मिला है।

हीरा बैन का लाड़ला मोदी, देश को सच्चा पूत मिला है।

देश विदेश में मान मिला है, भारत को सम्मान मिला है।

देश का ऊँचा मस्तक कर गया, भारत को नया नेता मिल गया।

भारत को नया नेता मिल गया । भारत को नया नेता मिल गया।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।

Ex wife and husband

It is very easy to tell she is my ex wife/husband. Why because you two are separated?
Can you call same word ex brother to your brother from you are separated ?
Can you tell your parents they are your ex parents because you are separated from them.
Can you tell your children ex son and daughter as you are separated from your wife/ husband.
Living together for long time, producing children and leaving each other are very easy now a days, but think twice before separating from each others. Is it true? Is it wise? Is it not inhuman? Only for ego you are divorcing each other. Keep your ego away and think to save your relationship and live a healthy and peaceful life together.
Wishing you happy days ahead to you all waiting for divorce in court.
God gives you wisdom to stay together.
Jaihind jaibharat vandemataram.

बुजुर्गों का दर्द

कोई तो बता दे मेरे दोस्त,

जिंदगी कैसे कटेगी बुढ़ापे में।

माँ बाप कब के गुजर गये,

भाई भाई से दूर हो गये।

बच्चे सब बड़े होकर,

अपने रास्ते निकल गये।

तप तप कर जो कमाया था,

बच्चों ने बाँट लिया अपने में।

अपनी खुशियों के लिये,

अकेला छोड़ गया हमें बुढ़ापे में।

समय ने ऐसा धोखा दिया,

अपने ही पराये हो गये।

कोई तो बता दे मेरे दोस्त,

जिंदगी कैसे कटेगी बुढ़ापे में।

जिंदगी कैसे कटेगी बुढ़ापे में।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम

आज की दुल्हन

न चूड़ी न कंगन न टिकुली न बिन्दिया।

न सिन्दूर न टीका, न झुमका न हार।

न गले मंगल सूत्र, न नाक में बेसर।

न कानों में झुमका, न लटकती बाली।

न सूट न सलवार, न लंहगा न साड़ी ।

हाथों में घड़ी थी, और ओठों पर लाली।

पावों में थी जूती और आँखो पर चश्मा।

पहनी थी चुस्त पैन्ट, टी शर्ट था मजेदार।

प्रियतम के हाथों में हाथ, घूम रही थी बजार।

थे उनके घने लम्बे लहराते बाल।

यही बता रहे थे कि वो है एक लड़की।

आज की नयी दुल्हन है, आज की ये लड़की।

कंधों से कंधा मिला, दोनों है काम काजी।

कंधों से कंधा मिला, दोनों है काम काजी।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।

प्रेमी प्रेमिका संवाद

बहुत पुराने समय की बात है, भारत के एक पश्चिमी प्रांत की राजकुमारी जो अत्यन्त खूबसूरत थी , जिसकी खूबसूरती की चर्चा चारो दिशाओं में फैल गयी थी। ये वाद विवाद उसी राजकुमारी और एक राजकुमार के बीच का है। राजकुमारी की शर्त थी, कि वह उसी से शादी करेगी जो उसके इन चार प्रश्नों का सही सही उत्तर देगा। इसी क्रम में अबतक नौ लाख राजा और राजकुमार बंदी बना कर बंदीखाना में रक्खें गये थे। ये कहानी मैंने अपने बचपन में पचास की दसक में अपने एक पड़ोसी बुजुर्ग से सुनी थी। लोक संगीत और लोक कहानी का यह मेल जोल मुझे बहुत ही सुन्दर लगा था। उसी को आपके साथ बांटने की कोशिश की है ।

आप उन दोनों के बीच चल रही वाद विवाद को पढे और समझने का प्रयास करें ।

वाद विवाद

कौने दिशा से जे अयले रे मुसाफिर, कौन दिशा कैनी जाय छी।

नौ लाखा बन्धुआ का देलिये बनसरवा हो प्यारे, तोहरो को देअब बनसार जी ।

पूरब दिशा से जे अयलौ रे योधना , पश्चिम दिशा कैनी जाय छी।

जैते रानी कमल दा से करबो वियाह, नौ लाखा बन्धुआ के देबो छोराय।

उजले रे दोहबा बूझमे रे योधना, बंदी करेइबो तोरो पीठ।

नौ लाखा बन्धुवा का देलिये बनसरवा हो प्यारे, तोहरो के देइब बनसार जी ।

पहले जे उजजर बगुला के पंख हो प्यारे, दोसर उज्जर धोबिया के पाठ।

तेसर उज्जर बबुआ योधन मालय, चौथे में रानी मुख दाँत ।

काले रे दोहबा बूझमे रे योधना, बंदी करैबो तोरो पीठ।

नौ लाखा बन्धुआ के देलिये बनसरवा हो प्यारे, तोहरो के देअब बनसार जी।

पहलेजे काला काली कोयलिया हो प्यारे, दोसर काला काग।

तेसर काला बबुआ योधन मल , चौथे में रानी सिर केश।

हरिहर जे दोहबा बूझमे रे योधना, बंदी करैबो तोरो पीठ।

नौ लाखा बन्धु आ के देलिये बनसरवा हो प्यारे, तोहरो को देअब बनसार जी ।

पहले जे हरिहर सुगवा के पंख हो प्यारे, दोसर हरिहर बेलपत्र ।

तेसर हरिहर बबुआ योधन मल, चौथे में रानी मुख पान।

लाले जे दोहबा बूझमे रे योधना, बंदी करैबो तोरो पीठ।

नौ लाखा बन्धुआ के देलिये बनसरवा हो प्यारे, तोहरो को देअब बनसार जी ।

पहले जे लाल सुगबा के ओठ हो प्यारे, दोसर लाल गोर अर्त।

तेसर लाल बबुआ योधन मल, चौथे में रानी मुख पान।

चारो प्रश्नोंका सही सही जबाब मिल जाने पर राजकुमारी और राजकुमार का धूम धाम से विवाह कर दिया जाता है और नौ लाख बंदियों को रिहा कर उन्हें उनके राज्यों में ससम्मान भेज दिया जाता है ।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।

पुरुष भी कमलनयन होते हैं

पुरुष की शौर्य सुन्दरता भी मनोहर है।
पुरुष प्रेयसी का साजो शृंगार है ।
उसके नयनों का राजकुमार है।
हर दुःख सुख में उसका भागीदार है ।
वह यही कहने में सदा शरमाती है ।
क्योंकि शरमाना ही स्त्रियों का गहना है ।
पुरुष शेरों जैसे मदमस्त होते हैं ।
चीलों की सी ऊँची उड़ान वो उड़ते हैं ।
चीतों सी छलांग व शेरों सी दहाड़ लगाते हैं ।
पुरुष भी कमलनयन होते हैं ।
यही सब देखकर ही स्त्री उसे बरती है।
और वो अपना सर्वस्व उन्हें सौंपती हैं ।
जिंदगी उनके हवाले कर निश्चिंत हो जाती हैं ।
पुरुष संपूर्ण कला के मालिक हैं ।
राम और कृष्ण पुरूषों के प्रतीक हैं ।
पुरुष पौरुष व पुरुषार्थ के भंडार हैं ।
और स्त्री हर पुरुष की पतवार हैं ।
स्त्री और पुरुष मिलकर ही यह संसार है ।
स्त्री और पुरुष मिलकर ही यह संसार है ।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।

ऑपरेशन

हरिया का पाँच साल का बेटा महीनों से सख्त बीमार है ।

हरिया उसे डाक्टर के पास अस्पताल लेकर जाता है ।

डाक्टर उसे काउंटर पर दो लाख रुपये ऑपरेशन के लिये जमा कराने कहता है ।

गरीब हरिया अपनी किडनी का सौदा ढाई लाख में कर रूपये जमा करता है ।

दोनों का ऑपरेशन होता है और दोनों भगवान को प्यारे हो जाते हैं ।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।