Monthly Archives: March 2019

हे वीर कहाँ तुम चले गए

हे वीर हमारे अपने तुम,

माँ के सपूत दुलारे तुम ।

बाबा के संबल सदा रहे,

क्यों छोड़ कहाँ तुम चले गये ।

थी घर घर में दिवाली जब,

फुलझड़ियों की चिंगारी जब।

जहाँ धूम मची थी पटाखो की,

पर तुम खेल रहे थे गोली से।

तुम जूझ रहे थे सीमा पर।

तम के घनघोर अंधेरों में,

अटल रहे तुम सीमा पर ।

पर छोड़ कहाँ तुम चले गए ।

इतना तो कहकर जाते तुम,

हमसे भी बढ़कर है कोई ,

ये नाम बताकर जाते तुम ।

बहनों के हाथ से राखी अब,

पहनेगा कौन तुम हमें बता ।

कितना निष्ठुर होकर तुम,

हम सबको रोता छोड़ गया ।

इतना प्यारा था वतन तम्हें,

जो हमें अकेला छोड़ गया ।

तुम हमें अकेला छोड़ गया ।

हे वीर देश के रक्षक तुम,

बच्चों को रोता छोड़ गया ।

माँ बाबा और बहना का क्या ,

पत्नी तक को तुम भूल गया।

तुम हमें अकेला छोड़ गया ।

तुम हमें अकेला छोड़ गया ।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।

You are asking all the privileges today from BJP government, why till date every one of us were deaf and dumb when our pension reduced from 70% to 50% and civilian pension increased from 33% to 50 by Congress government in 1971 after winning wars against Pakistan and declaring Bangladesh as a independent country, its is pity for those not talking on real subject and choosing wrong party one family to rule for more than 60 years to destroy the country.
Jaihind jaibharat vandemataram.

होली मुबारक

दुखों का नाश हो,
शरीर रोग मुक्त रहे,
परिवार में खुशहाली बरकरार रहे,
सब मित्रों और परिजनों में प्यार की फुहार रहे, ईश्वर का साथ और उनका हाथ सिर पर सदा बना रहे,
हँसते गाते मुस्कुराते रहें, ऐसे ही होली का त्यौहार हो,
हमारा आपसी प्यार सदाबहार रहे ।
होली है रंगों का त्यौहार,
मन में रह न पाये कोई विकार।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।

रिश्ते

रिश्ता वही जो रिश्तों में खुशियाँ भर देती है ।

किसी को खुश रखने वाली रिश्ता दुखदायी होती है।

यह जरूरी नहीं कि रिश्ता खून का ही हो।

पराये अपनों से बेहतर हैं, जो सुख दुःख का साथी हो।

मतलबी रिश्ता तो छनभंगूर होता है ।

मतलब निकल जाने पर आँखें चुरा लेता है ।

रिश्ते रिश्ते में भी बहुत भेद होता है।

कोई आप के लिये ही सोता जगता है ।

और कोई मतलब से रिश्ता निभाता है ।

सुरेश इन रिश्तों को करीब से देखा है ।

मतलबी रिश्तेदारों को खूब समझ पाया है ।

आप अपनों के साथ रिश्ते जरूर निभाते रहें।

पर अपने ज़मीर को जरूर बचा कर रक्खें ।

गाँठ का पैसा और हाथ का हुनर ही काम आता है ।

दूसरों के पास रक्खा धन और शस्त्र भी ।

कभी भी समय पर काम नहीं आता है ।

दानी बने, रिश्ते निभायें, पर मतलबी न बने ।

सुख दुःख का साथी बने देनदार न बने ।

मतलबी रिश्तेदारों से बचकर रहें ।

खुश रहें खुशहाल रहें, खुश रहें खुशहाल रहें ।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।

दोस्ती करें

दोस्तों से दोस्ती करोगे तो सुधर जाओगे ।
पत्नी से दोस्ती करोगे तो सुखी रहोगे ।
पड़ोसी से दोस्ती करोगे तो सदा खुश रहोगे ।
किताबों से दोस्ती करोगे तो ज्ञानबान बनोगे।
काम से दोस्ती करोगे तो धनवान बनोगे।
धैर्य से दोस्ती करोगे तो सबो से सम्मान पाओगे ।
क्रोध से दूर रहोगे तो शांति पाओगे ।
ईश्वर से दोस्ती करोगे तो दुखों से अनजान रहोगे ।
सुरेश से दोस्ती करोगे तो ऐसे ही संदेश पाओगे ।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।

भारत का शेर

चट्टानों से बढ़कर है वह,
टूटा नहीं प्रहारों से जो।
है करोड़ों देशवासी का,
नभ का तेज सितारा वो।
माँ का वीर सपूत अभिनन्दन,
गौरव है वह भारत का।
नन्दन का अभिनन्दन करना,
ये भी गौरव है भारत का।
वीरचक्र का अधिकारी वह,
हम सब मिलकर करते वंदन ।
है सरकार से हम जनता की,
वीरचक्र से करे सम्मान ।
भारत का यह शेर हमारा,
शीश उँचा कर आया है।
वीरचक्र का अधिकारी वह,
हमको उसे दिलाना है ।
नतमस्तक है सारा देश,
देश का गौरव है अभिनन्दन ।
देश का गौरव है अभिनन्दन ।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम।

सबको हमारा नमस्कार है

सबको हमारा नमस्कार है

दिल में अरमाँ हो, अपनों का साथ हो।
मन में उमंग हो, भींगी बरसात हो।
झिलमिल चाँदनी वाली रात हो।
परिवार अपने साथ हो।
माता-पिता का सर पे हाथ हो।
दोस्तों की जमात हो।
ईश्वर की दुआ हो,
तो हर दिन त्योहार है ।
मित्र अगर सचमुच में मित्र है।
तो जीवन सदा ही खुशहाल है ।
आपका अहसान है ,
कि हम भी कुछ कह सके।
बरना हम तो बेकार हैं।
सुरेश का यह प्यार है,
सबको हमारा नमस्कार है।
सबको हमारा नमस्कार है ।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम।

जीवन का सार

मृत्यु अटल सत्य है,

सत्य ही जीवन का सार है।

सेवा हीजीवन का धर्म है,

कर्म ही जीवन का आधार है ।

सांस चलते तक जीवन है,

सांस छूटते ही सब छूट जाता है ।

अन्याय और अत्याचार की कमाई,

कुछ भी तो काम नहीं आता है ।

जीवन अनंत अपार असीम है,

पर सिर्फ़ चलते सांस के ही साथ है।

जीवन अपने लिये तो सुख दायी है,

पर औरों के लिये वरदान है ।

जो औरों के काम आता है ।

जीवन वही है जो औरों के काम आता है ।

खुशियाँ लुटाता है और गम बांटता है ।

जीवन तो संघर्षों की कहानी है,

जीवन सचमुच ही वरदायनी है ।

जीवन सचमुच ही वरदायनी है ।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।

हे माँ तुझे सलाम

हे माँ तुझे सलाम

प्रकृति की अनमोल धरोहर तुम ,

तुमसे चलता संसार यहाँ ।

तुम देवी माँ तुम जीवन दायिनी,

तुमको है शत शत प्रणाम ।

हे जननी जग के पालक तुम,

हो जग के भाग्य विधाता तुम ।

हे जगत जननी हे देवी माँ,

हे माँ जगदम्बे तुम्हें प्रणाम ।

हे माँ जगदम्बे तुम्हें प्रणाम ।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।

इनसानी कुत्ते

शायद इन कुत्तों को समझ होती,

तो ये यकीनन कुत्ते न होते ।

कुत्ते आज इनसे बेहतर हैं,

अपने मालिकों के वफादार हैं ।

पर ये इन्सान उनसे भी गये गुजरे हैं,

इनसान होकर भी, इनसान को दगा देते हैं ।

कुत्तों की नकल तो करते हैं,पर वफादार नहीं हैं ।

ये इनसान इनसानीयत को बदनाम करते हैं ।

ये इनसान इनसानीयत को बदनाम करते हैं ।

ये इनसान इनसानीयत को बदनाम करते हैं ।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।