Monthly Archives: February 2017

Ex service man family pension

*IMPORTANT INSTRUCTIONS FOR EX-SERVICEMEN*
*Family Pension Eligibility*

1. Un Married Daughter of Ex.Serviceman is Eligible for Family Pension after demise of Ex.Serviceman & His Wife Irrespective of their Age till the Marriage she is Eligible for Family Pension. 

2. Divorced Daughter of Ex.Serviceman also Eligible for Family Pension (Subject to condition she should submit Financial Condition Report)

3. Widow Daughter also Eligible for Family Pension (Subject to condition that she should submit Financial Condition Certificate from Revenue Authorities)

4. Disabled Children of Ex.Serviceman are also eligible for Family Pension…

For Disabled children.

a) Part-II Order is must.

b) you should submit the Disability Certificate from MH or Medical Board and endorsement of Family Pension should be done in the Concern Records through Sainik Welfare Office…. 

 

5. obtain your monthly pension payment slips from Bank

6. Kindly register your phone number and email & pan card with your Bank Account . You will get pension break up from the month of April/ may

7.. Whenever there is any additional credits or debits like 

a). Payments of Instalments of OROP, 

b). Payment of Arrears under DL-33; 

c). Payment of Arrears of 7th CPC, 

d). DR Arrears etc., Calculated Sheet has to be obtained and whenever there are Debits entries like TDS etc., Form-10 or Form-16 have to be obtained from PDA Bank. 

8. Submit in written to your PDA Bank/Branch that you are a Senior Citizen and the Tax exemption limit is Rs.3 lakhs, accordingly the TDS also will be reduced.

 

9. Since DL-33 Arrears are relating to previous FY-AY Years (2006-2014), you may file your IT returns distributing the said amount of TDS, claiming REFUND of the deducted TDS amount.

 

10. Do not forget to convert your pension A/c immediately into Joint A/c (E or S) along with your wife.

 

11. please take care that family name is notified correctly in PPO and in revenue records like aadhar, pan card etc. If there is any correction please rectify through your record office.

12. Government of India is insisting for joint accounts because of the difficulties faced by widows. If everything is correct Bank will commence widow’s pension in the same month itself…

 

13. Notify family pension in the PPO or any authorised letter from pension sanctioning authority is mandatory for commencing the widow pension. earlier only hand written PPOs are there. kindly notify family pension through your record office. Date of birth of the family and original pensioner should be notified by your record office or PSA.

*Joint Bank Account*

(a). joint accounts are opened such that any one can take pension. either or survivor mode.

(b) it will be very easy for Bank for opening of family pension  

*NOTE:*

 some pensioners think that if we open joint account everything is finished without noting the name of family pensioner in the ppo Which is not correct…. without notifying the correct name of the spouse the Bank will not give Family Pension (Even joint Account is there in the Bank).

 

Please note above Points for easy to get Family Pension otherwise its very difficult for widow to get the Family Pension….

 

*DUAL FAMILY PENSION*

Previously After retirement from Armed forces if Ex servicemen joined in state/central Government job then after he retired from that post he will get two Pensions I.e., one from Military side and second one is from Civil side as he is eligible for two pensions but if an Ex servicemen Expired wife (spouse) is eligible only one family pension i.e., Military pension or Civil Family pension either one only eligible…. 

in the year 2013 Government of India (MOD) has issued orders that the wife(spouse) also eligible two family Pensions and CDA Allahabad also issued circular No.504 the widow is eligible both the pensions i.e., Military pension as well as Civil pension with effect from 24th September, 2012. 

Telangana State Government has also issued Orders duly sanctioning Dual Family Pension (if widow opt military pension on the death of Ex.serviceman).

 

*NOTE*

Even Now many Ex.Servicemen and widows of Ex.Serviceman  are not Aware of the above rules so kindly give wide publicity among all Ex.serviceman & their families on this…

 

Regards

काम कर धरम करम का

तू काम कर धरम करम का।

​करम है अपना अपना, धरम है अपना अपना।

सब अपना अपना करम करते हैं ,

कोई दुखी होकर जीवन जीता है।

कोई हँसकर गुनगुना कर जीता है।

काम कोई भी हो सभी में मान सम्मान है।

ये तो तुम्हारे ऊपर है, तुम्हारा क्या अरमान है।

छोटी सी जिन्दगी है हँसकर गुजार ले।

अरबपति भी जलते हैं उसी चिता पर।

जहाँ पहले एक गरीब जलाया गया था।

दोनों के हाथ खाली थे, नंगा बदन था।

खाली हाथ आया था ,खाली ही दोनो जा रहा था।

इसीलिये तो कहता हूँ, करम कर नेकी का।

करम कर दूसरों के दुख को दूर करने की।

करम कर किसी के जखम को भरने की।

माता पिता का आदर सम्मान कर।

प्यार लुटा जी भर जीओ मुस्कुरा कर।

साथ तूम्हारे ये जायेंगे, तुम्हारी ही ये नेकी।

यहीं पड़े रहेंगे ये तेरे, बंगले, महल, ये अटारी ।

काम कोई भी नहीं आयेगा,साथ कोई नहीं जायेगा।

काम कोई भी हो, न वह छोटा है न बड़ा।

ये सोचने वालों की सोच है, जो होता है छोटा बड़ा।

इनसान तो सब इनसान ही होता है।

काम तो जमीं पर सब भगवान का होता है।

तू काम कर धरम करम का,

तू काम कर धरम करम का।

जयहिंद, जयभारत, वन्देमातरम।

दैनिक हवन

आप सभी को हमारा नमस्कार । हम आज आपको यहाँ एक बहुत पुरानी वैदिक परंपरा के बार में बताने जा रहे है । हवन जिसे हम अग्निहोत्र भी कह सकते है ।पहले के जमाने में हर घर में हर रोज हवन होते थे जिससे हमारे वातावरण की शुद्धि के साथ साथ हमारा आध्यात्मिक और वैदिक शुद्धिकरण भी होता था । हवन से निकली हुई धुंआ आसमान में जाकर बादलों के साथ मिल जाती थी जो आगे जाकर वर्षा में सहायक होती थी । हवन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जहाँ भी हवन का आयोजन होता है वह पर किसी भी प्रकार का वास्तुदोष नहीं होता और उस परिवार के लोगों पर किसी भी प्रकार का तांत्रिक अभिकर्म नहीं किया जा सकता क्योंकि हवन में हम समस्त देवी देवताओं का आह्वान करते ही जो कि हमारी हर प्रकार से रक्षा करते है । इसलिए गायत्री परिवार वाले  अग्निहोत्र को ज्यादा बढ़ावा देते है ।आज के इस महंगाई के दौर में जब पूजा पाठ भी इतने महंगे हो गए है तो लोग हवन का खर्च भी उठाने में असहज महसूस करते है । इसलिए हम आज आपको दैनिक हवन की सबसे आसान,सस्ती लघु और असरकारक विधि बताने जा रहे है । आप सभी से निवेदन है कि कृपया आज से ही हर का कोई भी एक सदस्य हर रोज घर में दैनिक हवन करे जिससे इस हवन का प्रभाव उस घर के प्रत्येक  सदस्य को मिल सके । इस दैनिक हवन में आपको ज्यादा खर्च करने की भी आवस्यकता नहीं है । 
 दैनिक हवन मे सबसे पहले अग्नि प्रज्वलित करे । किसी लकड़ी( लकड़ी पीपल की या आम की बरगद के ले तो उत्तम रहेगा) पर या गाय के कंडे पर अग्नि प्रज्वलित करे । किसी छोटे से पात्र मे भी  गाय के कंडे पर या लकडी पर अग्नि प्रज्वलित कर सकते है ।पात्र तांबे का या पीतल का या मिट्टी का होना चाहिए । लोहे के पात्र का उपयोग हवन के लिए नही करना है । नीचे लिखी आहूतिया केवल घी से देनी है । आहूति देने के बाद आहूति देने के चम्मच मे बचा हुआ घी इदं न मम के उच्चारण के साथ पास मे रखे पानी के पात्र मे टपकाते जाऐ ।

चार घी की आहुतियाँ

इस मन्त्र से वेदी के उत्तर भाग में जलती हुई समिधा पर आहुति देवें।

1) ओम् प्रजापतये स्वाहा | इदं प्रजापतये – इदं न मम।।

मन्त्रार्थ- सर्वरक्षक प्रजा अर्थात सब जगत के पालक, स्वामी, परमात्मा के लिए मैं त्यागभाव से यह आहुति देता हूँ।अथवा, प्रजापति सूर्य के लिए यह आहुति प्रदान करता हूँ
2)ओम् इन्द्राय स्वाहा | इदं इन्द्राय – इदं न मम।।

मन्त्रार्थ- सर्वरक्षक परमऐश्वर्य-सम्पन्न तथा उसके दाता परमेश्वर के लिए मैं यह आहुति प्रदान करता हूँ।अथवा ऐश्वयर्शाली, शक्तिशाली वायु व विद्युत के लिए यह आहुति प्रदान करता हूँ।
3)ओम् अग्नये स्वाहा | इदमग्नये – इदं न मम।।

मन्त्रार्थ- सर्वरक्षक प्रकाशस्वरूप दोषनाशक परमात्मा के लिए मैं त्यागभावना से धृत की हवि देता हूँ।यह आहुति अग्निस्वरूप परमात्मा के लिए है, यह मेरी नहीं है।अथवा, यज्ञाग्नि के लिए यह आहुति प्रदान करता हूँ।
4)ओम् सोमाय स्वाहा | इदं सोमाय – इदं न मम।।

मन्त्रार्थ- सर्वरक्षक, शांति -सुख-स्वरूप और इनके दाता परमात्मा के लिए त्यागभावना से धृत की आहुति देता हूँ ।अथवा, आनन्दप्रद चन्द्रमा के लिए यह आहुति प्रदान करता हूँ।
5) ॐ गं गणपतये स्वाहा । इदं गणपतये इदं न मम ।
इसके बाद आप जो भी और जितनी भी चाहे आहूति दे सकते है । जैसे गणपति जी की या गायत्री जी की या अपने ईषट की ।
उसके बाद अंतिम आहूतिया इस प्रकार देनी है ।

7) ॐ भूः स्वाहा । इदं अगनेय इदं न मम ।

8) ॐ भुवः स्वाहा: । इदं वायवे इदं न मम ।

9) ॐ स्वः स्वाहा । इदं सूर्याय इदं न मम ।

10) ॐ भूर्भुवः स्वाहा। इदं न मम ।

11) ॐ प्रजापतये स्वाहा । इदं प्रजापतये इदं न मम ।
इस प्रकार आप घर मे दैनिक लघू हवन का आयोजन कर सकते हो । आज के समय मे प्रत्येक हिन्दू के घर मे दैनिक लघू हवन का आयोजन होना चाहिए ।
आप सभी से निवेदन है कि आप इस सन्देश को अधिक से अधिक हिंदुओं तक पहुचाये ।

धन्यवाद

बेटी बाप की बेटी नहीं वह माँ भी है

मैंने एक सच्ची कहानी पढ़ी, योरप में एक बेटी अपने पिता को कैसै मौत के मुँह से निकाल लाती है।
वहाँ एक निर्दयी राजा था, वह बहुत ही निरंकुश और बर्रबर था। एक दिन उसने एक बूढ़े को उसके किसी गुनाह के लिए ऐसी सख्त सजा सुनायी कि सभी आचंभित रह गए। इस बूढ़े को कैद खाने में डाल दो और इसे खाने पीने के लिए कुछ भी नहीं दिया जाय। उसकी जवान बेटी जो एक दूधमुहें बच्चे की माँ थी, राजा से फरियाद की ,हूजूर जब तक मेरे पिता जेल में जिंदा रहें, मुझे दिन में हर रोज एक वक्त मिलने की इजाजत दी जाय। राजा ने उसे मिलने की इजाजत दे दी।
वह हर रोज नियत समय पर अपने पिता से मिलने जाया करती थी। नियम के अनुसार वह खाली हाथ जाती थी और खाने पीने का कोई सामान नहीं ले जाती थी। पर महीने बीत जाने पर भी बूढ़ा नहीं मरा, बरन वह जिन्दा व स्वस्थ था। सभी को आश्चर्य हुआ, एक दिन जेलर छिप कर बाप बेटी का मिलन देख रहा था। वह देखकर हैरान हो गया कि जवान बेटी अपने पिता को जिंदा रखने के लिए अपना स्तनपान करा रही है। उसने ये बात राजा को बतायी। क्रूर राजा बाप बेटी के इस आद्भुत प्रेम को देखकर द्रवित हो, बाप बेटी को सदा के लिए आजाद कर दिया। किसी महान चित्रकार ने उसे अपने कैनभास पर उतार कर उसे अमर कर दिया है। आज कुछ लोग इसे अश्लील चित्र कहकर इसकी आलोचना करते हैं, पर भावना और प्रेम की दृष्टी से देखें और बेटी के इस उत्तम पितृ प्रेम को देखकर सोचें, तो आपकी आँखें नम हो जायेगी। आप इस बेटी को आशीरवाद नहीं नत मस्तक होकर प्रणाम करेंगे। इसीलिये मैं सुरेश हर किसी के घर एक बेटी हो इसकी दुआ करता हूँ।
हे बेटी तुम सचमुच ही बाप के लिए एक बेटी ही नहीं हो बरन समय पर उसकी माँ भी हो। बेटी के इस माँ रुप को मेरा शत शत नमन।

जयहिंद, जयभारत, वन्देमातरम।

मन की खुशियाँ

सब धरा यहीं रह जायेगा,

जब यम लेने को आयेगा।

ये महल अटारी बंगले  बारी,

नहीं काम कोई आयेगा।

कर ले पगले प्यार तू सबसे,

माता पिता बच्चे पत्नी से।

धन दौलत से बढ़कर ये हैं,

सुख के साथी तो ये सब हैं।

गले लगाकर प्यार जतायें,

मिल जुलकर सब खुशी मनायें।

आज समय है पास तुम्हारे,

कल क्या होगा कोई न जाने।

घटती जाती रोज उमरिया,

अब तो चेतो प्यार लुटाओ।

जोड़ो बस इतना ही जोड़ो,

धन जोड़त तू खुशी न भूलो।

भाग दौड़कर घर न भूलो,

खुशी मनाओ खुशी लुटाओ।

बच्चों संग भी समय बिताओ।

बच्चों संग भी खुशी मनाओ।
जयहिंद, जयभारत, वन्देमातरम।

भारत कीअसली तस्वीर

दिनकर जी बहुत ही पहले लिख गये हैं-स्वानों को मिलता दूध वस्त्र ,

भूखे बालक अकुलाते हैं ।

मॉ की हड्डी से चिपक ठिठुर,

जाड़े की रात बिताते हैं ।घूसख़ोरी,जमाख़ोरी,कालाबाज़ारी,

रंगदारी,बेईमानी,भ्रष्टाचारी,संसदऔर विधान सभा में सही लोगों की भागीदारी,चुनाव लड़ने के लिये क़ानून में बदलाव,कम से कम बी ए पास,मेडिकली फ़िट,६५ साल तक ही मेम्बर बने रहने और ६० साल से कम उम्र तक ही चुनाव लड़ने ,बेदाग़ व्यक्ति जिस पर किसी तरह का न आरोप हो न वह दाग़ी हो,तभी हम एक सुखद और ख़ुशहाल भारत देश की कल्पना कर सकते हैं ,,पर शायद मेरे जीतेजी मुझे देखने का मौका नहीं मिल पायेगा।आप शहरी हैं ये देख पा रहे हैं ।गॉव ,दूर देहात में जाकर देखें तो आपको पता चलेगा कि क्या येसब भी इन्सान हैं ?शहर का कुत्ता भी रोज़ भर पेट रोटी खाता है,पर वहॉ देहातों में मॉ कहती है बेटा आज पानी पीकर सो जाओ ,कल मालिक से धान लेकर आऊँगी तो भात बना दूँगी !भर पेट माँड़ भात नमक मिलाकर खाना ,मॉ लोरी गा बच्चों को सुला देती है और कल भी शायद उसे एसे ही सोना पड़े वह भूल जाता है।

जयहिंद-जयभारत-वन्देमातरम ।

_Let’s always pray for one another_*The prayer*: 🙏🙏🙏🙌🙏Precious Lord Siva, mother and father of the universe, Thank You for each and every day. You have blessed us here on earth. Thank You for Your tender mercies. Thank You for giving us friends and family to share these joys with. I ask You to bless my friends, relatives and those I care deeply for, who are reading this right now. Where there is joy, give them continued joy, where there is pain; give them your peace and mercy. Where there is self-doubt, release a renewed confidence. Where there is need, fulfill their needs. May they experience Your abundant love, Your bountiful grace and Your Divine blessings. Bless their homestead, families, finances, their goings out and their coming in’s.We give thanks and gratitude to you for your blessings and grace. Om Nama Sivaya. 🙏🙏🙏

Donations to Mandir

It’s our bad luck that we indians are very much sentimental to Mandir, Masjid, Gurudwara, Churches God and Godes , We reluctant to pay taxes to the government even evade it ,but we donate more than 10 times to these organizations . Knowing very well that these money will not be used for the welfare of needy, poor and general public, still we donate.

   I am not against the culture and customs of our Nation but the fact is misutilisation of funds by the Trusty and their family members. 

     So it is advised to one and all to help directly to the  poor and needy in your neighborhood and village and donate less to these organizations.

      Jaihind jaibharat vandematram.

महाशिवरात्री

ऊँ नमो: शिवाय:

महाशिवरात्री के इस शुभअवसर पर सभी शिवभक्तों को शुभकामना। शिव सभी का मंगल करें।

शिव की पूजा अर्चना और अभिषेक हम सभी भक्तगण आदिकाल से करते आ रहे हैं और जीवन भर करते ही रहेंगे। वे देवों के देव महादेव हैं। ऊनकी कृपा से ही सृष्टी का संचालन सुचारू रूप से अनवरत चलता आ रहा है।ऊनकी महिमा अपरमपार है। उन्हें शत शत नमन।

भक्त गण हम शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं, और उनकी स्तुती व वंदना करते हैं।पर क्या इसका सही मतलब हम समझ पाते हैं? शिव हमें इससे प्रेरणा देते हैं, कि इसी तरह तुम सभी जल से इस धरती को भी नित्य प्रति दिन सींचते रहो ,ताकि तुम्हें कभी भी जीवन में खाने पीने की तकलीफ न हो और तुम्हारा परिवार सदा सुखी रहे।

हमें इस सीख को अपने जीवन में उतारना चाहिये। जल ही जीवन है, इसका सही सही तरीके से, अधिक प्रभावी ढंग से व्यवहार कर सुखी रहें। जल के बिना जीवन संभव नहीं, यही शिव हमें हर दिन याद दिलाते रहते हैं, जब हम उनपर जल चढ़ाते हैं। जल का संचय करें, इसे संभालकर संजोयें, यह संसार की अनमोल धरोहर है, इसकी रक्षा करना हमसबों का धर्म है।

जय जय शंकर ,जय भोलेनाथ, ऊँ नम: शिवाय।

जयहिंद, जयभारत, वन्देमातरम।

हमारा भारत महान

बहरे सुनते नहीं, गूंगे बोलते नहीं, 

अंधे देख नहीं सकते, अनपढ़ हैं असहाय।

भैंस के आगे बीन बजायें ,भैंस खड़े पगुराय।

ये भारत देश है हमारा, अनोखा है समाज,

 हम कागज पर हुए हैं अंग्रेजों से आजाद ।

पर अभी भी गुलाम हैं काले अंग्रेजों का।

यहाँ अकल ईमान और काबिलियत की कद्र नहीं होती ।

यहाँ टके सेर भाजी और टके सेर खाजा है बिकती ।

जहां अपढ़ सांसद, विधायक व बेदिमाग मंत्री हों।

यहाँ  गदहे घोड़े एक भाव बिक रहे हों।

धन्य है ये हमारा भारत देश महान, 

तभी तो बच्चे पढ़ लिख कर विदेश में बस रहे हैं।

बांकी सब यहाँ घिस घिस कर मर रहें हैं।

जाति धरम की घिनौनी यहाँ राजनीति है।

मालपूआ नेता, अभिनेता और बाबू खा रहे हैं।

और जनता सभागार में ताली पीट रहे हैं।

सरेआम खुद को नीलाम कर रहे है।

सरेआम खुद को नीलाम कर रहे हैं।

 जयहिंद ,जयभारत, वन्देमातरम।