Monthly Archives: June 2016

कफन 

​कौन कहता है कफन दुबारा नहीं बिकता है। 

दोस्तो जानकर हैरानी होगी तुम्हें, 

ये दुबारा तिबारा ही नहीं बिकता है। 

ये जब तक सही सलामत रहता है। 

बार बार बिकने के लिए दुकान पर जाता है। 

हम इसे हर बार नया नया समझ, 

उसी दुकान से खरीद लाते हैं, 

जहाँ डोम उसे पिछले दिनों बेच आता है। 

ये धंधा बरसों पुरानी है, 

मुर्दे और कफन का नाता, 

एक दूसरे की कहानी है। 

ये बनियें और नेता एक सिक्के के दो पहलू हैं। 

कोई कफन बेच खाता है, 

 कोई देश बेच गुलछर्रे उड़ाता है। 

हम तो इस बाजार में खरीदार भी हैं, 

और बिकने वाले खूबसूरत माल भी हैं।

खुदा की कसम इस देश का क्या होगा, 

जहाँ बेगैरत नेता देश को बांट रहे हैं। 

धर्म भाषा और जाति में कांट छाँट रहे हैं। जयहिंद जयभारत, वन्देमातरम।

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दोस्त

आप ने बहुत सही बात कही है।पर सच्चे दोस्त मिलते कहॉ हैं ,उनका तो अकाल पड़ा हुआ है।दोस्त तो वही जो वक़्त पर काम आये ,दोस्त तो वही जो बिना बताये ही आप के दुखों को जान ले ,उसे दूर करने का भरसक प्रयत्न करे।दोस्ती में न वक़्त देखा जाता है न धन,देखी जाती है लगन ,उनका मन जो सिर्फ़ और सिर्फ़ दोस्त की ज़रूरत होती है।दोस्ती कृष्ण सुदामा की ,दोस्ती कृष्ण और अर्जुन की।काश हम इसे समझ पाते।

फौजी

सिभिलियन क्या जाने सैनिकों का दर्द,उन्हें तो नदी का हर ,दूसरा किनारा हरा हरा ही दीखता है,ऐसे लोगों को मेरी सलाह है वे कुछ समय सेना के साथ अग्रिम पोस्ट पर रहकर महसूस करें ,किस हालात मैं सैनिक रहकर देश के लिये ही दिन रात जीता है ,तभी तो ग़म भुलाने के लिये उन्हें 3x Rum मुफ़्त में हर रोज़ पीने को मिलता है ।परिवार ,पत्नी ,बच्चों को भुलाकर सिर्फ़ दुश्मन पर निगाह रखता है ।जयहिंद -जयभारत-वन्देमातरम।

माता पिता

हम सब पूजते हैं पत्थर को ,भगवान समझकर ।

मॉ बाप तो जीता जागता भगवान है,उसकी पूजा ,

उसकी इबादत करोऔर ईश्वर का साक्षात दर्शन पाओ।

तुम्हें हर रोज़ हर पल मिलता रहेगा।उनके चरणों में स्वर्ग है,

,गोदी में सारी दुनियाँ का सुख है,उन्हें सर आँखों पर

बिठायें,मंदिर,मस्जिद,गुरू द्वारे,चर्च जाने की ज़रूरत

महसूस नहीं होगी।उन्हें सम्मान दें ,बुढ़ापा आश्रम में न

भेजे ।जयहिंद-जयभारत।

रखवाला

हिंदुओं का रखवाला,सिक्ख है हमारे आँखों का तारा ।
भारत माँ का दुलारा ,सीमा पर सबसे आगे रहने वाला।
हम न कभी अलग थे न हैं ,एक ही माँ के दो बेटे हैं ।
बड़ा भाई सिक्ख तो छोटा मौना,एक ही मां बाप के बेटे हैं ।
न वो अलग न हम अलग ,वे बड़े हैं तो हम छोटे हैं ।
जयहिंद-जयभारत-वन्देमातरम। सत श्री अकाल,वाहे गुरू।

भारत के वीर सपूत

हे भारत के वीर सपूतों, तुमको नमन हमारा है,
जब तक है धरती पर दुनिया, और सागर में पानी है।
भारत माँ के वीर सिंह पर , नत ये मस्तक मेरा है।
जिसने हमको नहीं बताया, वीर सपूतों की कुर्बानी।
लानत है उस वैरी पर,क्यों भूला उनकी कुर्बानी।
जयहिंद, जयभारत, वन्देमातरम।

पिता

पिता को पिता से परमात्मा बना दिया है,
कविता में रस घोल कर एक पिता को रूला दिया है।
संयम का खंभा है पिता ,घर का पहरेदार है ।
पिता के साये में बच्चा अपने को सदा महफ़ूज़ पाता है ।
दुनियाँ में वह बेख़ौफ़ आगे बढ़ता है,
माँ की आँचल की छांव में वह कोमल होता है ।
पिता के बाँहों में वह निडर और कठोर होता है ।
माँ तो माँ होती है ,पर पिता के साथ जीवन पूर्ण होता है ।
जयहिंद ।

हम दोनों

घर हमारा,बच्चे हमारे,दुख सुख हमारा।
घर का काम हम दोनों का,तू है सहारा।
बाहर से कमा लाना काम है हमारा ।
घर परिवार को संभालना है तुम्हारा।
थक कर घर मैं आता हूँ ,साथी साथ तुम्हारा।
प्यार व आदर पाता हूँ ,बच्चे पढ़े हमारा।
ये न तेरा ये न मेरा ,ये सब रहा हमारा।
वो मूरख जो पूछे तुम से ,क्या करती दिन सारा।
घर है तो घर वाली से ,नहीं तो भूत का डेरा ।

औरत नहीं देवी

अरे भाई ये औरत नहीं है तो हम भी नहीं हैं।
जनम देती दुःख सहती है उफ तक न करती है।
खुद भूखी रहती है पर हमें भरपेट खिलाती है।
गीले में सोती हमें बाहों में प्यार से सुलाती है।
ये घर है इन्हीं के भरोसे, हम सभी इन्हीं पर पलते हैं।
ये बहना है तो हमें हर साल राखी बंधती है।
मैया तो मैया ही है, देवों  की देवी लक्ष्मी है।
इन्हें पूजें हर रूप में, ये दुआ और आशीष देती है।
जयहिंद जयभारत, वन्देमातरम।

भारतीयता

भैया हमने तो आज तक यही सब सीखा है,
जो हमें हमारे प्यारे चाचा नेहरू ने सिखाया है।
मुगल वंशी मुगल शासन को वो बढाया है।
हिन्दुस्तान तो मुस्लिमों के लिए ही बनाया है।
पाकिस्तान पहले बना था,  बंगला देश बनाया है।
हिन्दुस्तान में भी उन्हें चार चार बीबी रखवाया है
तीन तीन भी बच्चे हों तो बारह वह बनाया है।
अगले दस साल में हिन्दू से ज्यादा मुस्लिम होगा।
फिर हिन्दुस्तान नहीं ये पूरे पाकिस्तान ही होगा।
शुरू होगा कत्लेआम बांकी सारी कौम का।
चेत जाओ अभी अगर तुम, बचा रहेगा हिन्दुस्तान।
जनता जागे नेता जागे,जागो पूरा हिन्दुस्तान।
लालू यादव, मायावती,कांग्रेसी, ममता और मुलायम।
इनको भैया अभी जगाओ,  बाम पंथियों को समझाओ।
क्यों सोये हो आलस छोड़ो, आग लगी है इसे बुझाओ।
जयहिंद जयभारत, वन्देमातरम