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रोटी

रोटी रे रोटी भैया रोटी रे रोटी ।
अमीरों की रोटी न गरीबों की रोटी ।
सूखी रोटी हो या घी लगी रोटी ।
गेहूँ की रोटी हो या मक्के की रोटी ।
मक्खन वाली रोटी या तन्दूरी रोटी ।
भूख मिटाती पेट भरती है ये रोटी ।
चटपटी तरीदार या सूखी सब्जी ।
मुर्ग मुस्लम के साथ हो घी लगी रोटी।
या नमक प्याज़ के साथ सूखी रोटी ।
पेट भरती है ये सभी रोटी ।
नहीं भेद भाव करती है ये रोटी ।
अमीरों की रोटी न गरीबों की रोटी ।
रोटी तो भैया बस होती है रोटी ।
न तेरी रोटी न मेरी रोटी ।
न मेरी रोटी न तेरी रोटी ।
जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम