औरत

माँग टीका सजाये ,भाल बिंदिया लगाये

नयना काजल से काली,ओठ लाली सजाई

गले मोतियों की माला ,तन पे सोहे दुशाला

झीनी रेशम की साड़ी ,संग बलमा अनाड़ी

पैर पायल  बजाये ,हाथ कंगना खनकाये

वो जो प्यारी सी ठारी ,मॉ ,बहन,बेटी है नारी

है वह सुन्दर सलोनी,सखी सजनी किसी की

माँग सीधी सँवारे ,भाल टिकुली लगाये

नयना कजरा बिनु काली, ओठ लाली बिनु लाली

गले माला बिनु ख़ाली,तन चिथड़ों से ढांकी

पैर कीचड़ में सानी ,हाथ चुड़ी कॉच की

माँग सिन्दुर  सजाये ,सिर पे टोकर भार की

गोद प्यारा सा छैला ,ढकी अचरा वह मैला

वो भी बहना है प्यारी ,मॉ ,बेटी,सखी ,सजनी

वह दोनों ही है औरत,पर अलग है उनकी सूरत

है अलग उनकी पहचान ,अलग उनकी मान है

अलग है रहन सहन ,अलग उनकी शान है

पर है दोनों ही औरत,वह हमारी ही मॉ है

बहन बेटी सखी सजनी है,यही उनकी पहचान है

वह तो बस एक औरत है ,वह एक औरत है

वह एक औरत है

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