बुढ़ापा कट जायेगा

पत्नी को साथ में बिठाकर,
दो निवाला उसे खिलाकर तो देखें ।
उनके बनाये भोजन का,
हंसकर तारीफ कर के तो देखें ।
उनके हाथों को पकड़ कर,
कुछ कदम साथ चल कर तो देखें ।
उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें,
अपनी बाहों में छुपा कर तो देखें ।
बच्चों की तरह ही कभी,
उन्हें सता कर के तो देखें ।
कभी एकांत में उन्हें ,
प्यार से सहला कर के तो देखें ।
कभी रात में सोते समय ,
उनकी आँखों को चूम कर के तो देखें ।
कभी कभार उनसे दूर रहकर भी तो देखें ।
कभी आँखों में आँखें डाल कर ,
प्यार का इज़हार कर के तो देखें ।
यों ही जवानी की तरह ,
उनका ख्याल रख कर के तो देखें ।
सूखी डाली भी पत्तियों से लद जायेंगी ।
बुढ़ापे में भी जवानी में आ जायेंगी ,
हजार दुखों को भूला कर ,
जिंदगी खुशियों से भर जायेंगी ।
हँसते हँसाते ये बुढ़ापा भी,
यो ही कट जायेंगा ।
हँसते हँसाते ये बुढ़ापा भी,
यो ही कट जायेंगा ।
जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।

Advertisement

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: