हम बिक रहे हैं


बिक चुके हैं हम, हर रोज बिक रहे हैं ।
यहाँ जमीं बिक रही है, आसमान बिक रहा है ।
घर बिक रहा है, खलिहान बिक रहा है ।
हम बिक रहे हैं, ईमान बिक रहा है ।
देश बिक रहा है, देश गद्दार बिक रहा है ।
पैसों के लिये बिचौलियों की माँ बहन बिक रही है ।
कुछ लेखक और कवि भी आसानी से बिक रहे हैं ।
इस देश का दुर्भाग्य है कि यहाँ हर कोई बिक रहा है ।
और जो नहीं बिक रहे हैं, अपमानित हो रहे हैं ।
और बिकने वाले नोबेल पुरस्कार पा रहे हैं ।
कोयले तो चारों तरफ बिखरे पड़े हैं ।
पर हीरे बहुत ही मुश्किल से मिल रहे हैं ।
कोयले सब जगह जलाये जा रहे हैं ।
और हीरे तिजोरियों में संजोये जा रहे हैं ।
हीरे तिजोरियों में संजोये जा रहे हैं ।
जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम

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