बुढ़ापे ने हमें जीना सिखा दिया है

बुढ़ापे ने हमें जीना सिखा दिया है

अजीब सी छटपटाहट होती है,
जब जवानी में बचपन याद आती है ।
मन मसोस कर रह जाते हैं,
नादानिया जब याद आती हैं ।
अजीब सी छटपटाहट होती है,
बुढ़ापे में जब जवानी याद आती है ।
मन छटपटाता है जब मस्तियाँ याद आती है ।
अजीब सी छटपटाहट होती है ।
बुढ़ापे में अक्सर हम अकेले हो जाते हैं ।
जब अपने भी बेगाने हो जाते हैं ।
अजीब सी छटपटाहट होती है ।
बुढापा क्या आ गया है,
सब हमें नकारा समझ रहे हैं ।
घरवाली भी पाला बदल ली है ।
खुद बच्चों के साथमिलकर,
हमें अकेला छोड़ दी है ।
अजीब सी छटपटाहट होती है ।
जब अपने अपने नहीं रह गये हैं ।
सामने देख कर भी आँखें चुरा रहे हैं ।
अजीब सी छटपटाहट होती है ।
कभी हम भी घर के हीरो हुआ करते थे ।
आज घर के एक कोने में पड़े हैं ।
अजीब सी छटपटाहट होती है ।
समय ने आज सब कुछ बदल दिया है ।
बुढ़ापे ने आज फिर जीना सीखा दिया है ।
सचमुच में जिंदगी जीना सिखा दिया है ।
बुढ़ापे ने हमें जीना सिखा दिया है ।
जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम

Advertisement

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: