सूरज का संदेश


जाड़े का मौसम सुबह की गुनगुनी धूप है ।

बाग में टहलते हुए सुकून महसूस हो रहा है ।
दोपहर को बाहर गरम धूप तप रही है ।
पश्चिम में ढलते सूरज लालिमा दे रही है ।
पर ढलते हुए भी हमें ये संदेश दे रही है ।
जीवन चक्र भी यही है उगना बढ़ना और ढल जाना।
जन्मते किलकारी लेना जवानी में गर्वित होना।
सामने खड़ा बुढ़ापे का सम्मान करना ।
जनम से मरन तक सिर्फ़ देते रहना ।
सूरज का नित दिन हमें यही संदेश सुनाना ।
सिर्फ़ देते ही रहना और देते ही रहना ।
जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम

Advertisement

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: