इनसान में इनसानीयत होती

कितना अच्छा होता अगर इनसान में इंसानियत होती ।
आदमी आदमी का दुश्मन नहीं उसका भाई होता ।
मिलजुलकर रहता और मिल बाँट कर खाता।
काश आदमी इनसान होता न कि हैवान होता ।
काश वह जिन्दा जीवों को काटकर नहीं खाता ।
आदमी अगर सच में इनसान होता ।
तो आज दुनिया में नफ़रत नहीं भाई चारा होता ।
बारूद से ये दुनिया नहीं जलती सुख-शान्ति होती ।
इनसान में गर इंसानियत होती तो इस दुनियाँ में ही स्वर्ग होता ।
भाई भाई में प्यार होता नफ़रत नहीं होती ।
भाई भाई में प्यार होता नफ़रत नहीं होती ।
जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम

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