दोस्ती अनमोल है

दोस्ती अनमोल है

मिलना बिछुड़ना सब किस्मत का खेल है ।
जिन्दगी में कभी नफ़रत तो कभी मेल है ।
बिकाऊ है यहाँ हर रिश्ता,पर दोस्ती अनमोल है ।
दोस्ती कृष्ण सुदामा की, सुयोधन और कर्ण की ।
केवट और श्री राम की, सुग्रीव व हनुमान की।
कागज और कलम की, ऑख से काजल की।काँटे और गुलाब की, काज से बटन की ।
मीरा से कृष्ण की, ब्रज से ब्रजवासियों की ।दोस्ती चंदबरदायी से पृथ्वीराज चौहान की । दोस्त दोस्ती चेतक से महाराणा प्रताप की।
हमारी दोस्ती है आपसे कसम है श्री राम की।हमारी दोस्ती है आपसे कसम है श्री राम की।

जयहिन्द जयभारत वन्देमातरम ।

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