प्यारा बंधन

जो बंधन बिन बाँधे ही,बँधता विधि विधान से

जिस बंधन से बँधकर सारा,फलता फूलता है संसार

उस प्यारे बंधन से बँधकर,सुखी सदा रहता संसार

बंधन जननी से बेटे का,बंधन पिता संतान का

बहन से बंधन है भाई का,बंधन गुरू से ज्ञान का,

बंधन है उसे उस माटी से,जिस पर जन्मा है इन्सान 

बंधन है उस घर आँगन से,जिस घर में वह बड़ा हुआ

बंधन उसका उस समाज से,जिसने उसे आधार दिया

बंधन है उस धरती मॉ से,जिसके बल वह खड़ा हुआ

अगर ये टूटा प्यारा बंधन,मिट जायेगा यह संसार

मॉ बेट न भाई बहना, न पिता रहेगा न ये प्यार

अपनी मिट्टी अपनी धरती,अपने वतन से करना प्यार

बंध कर रहना इस बंधन से,बिन बाँधे ही अपने मन से

कहे सुरेशमधु नये युगल से,नव बंधन का रखना मान

सारा जीवन बंध कर रहना,सुख शांति का रखना ध्यान

सुख शांति का रखना ध्यान

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